Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) में मंगलवार को चार हाथियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं. घटना के बाद वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों और विशेषज्ञों की कई टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं, जिनमें बांधवगढ़ की एक फोरेंसिक टीम के साथ-साथ स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर भी शामिल थी. बीमार हाथियों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
जानकारी के अनुसार 29 अक्टूबर की दोपहर नियमित गश्त के दौरान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) के कर्मचारियों को खतौली और पतौर कोर रेंज के सलकनिया बीट आरएफ 384 और पीएफ 183 ए में कुल 4 जंगली हाथी मृत मिले. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की कई टीमों ने आसपास के इलाके की तलाशी ली और 5 और हाथी बीमार हालत में जमीन पर पड़े मिले.
इस झुंड में कुल 13 हाथी बताए जा रहे हैं, जिनमें से 1 नर और 3 मादा की मौत हो चुकी है. जबकि 5 हाथी अस्वस्थ और 4 स्वस्थ पाए गए. सभी संभावनाओं को देखते हुए इलाके की तलाश की जा रही है. इसके अलावा, बांधवगढ़ और स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ, जबलपुर के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों और वन्यजीव पशु चिकित्सकों की एक मेडिकल टीम जंगली हाथियों को हर संभव उपचार प्रदान कर रही है.
एसटीएसएफ जबलपुर और भोपाल की टीमें भी जांच के लिए बांधवगढ़ पहुंच गई हैं. पार्क प्रबंधन और वन्यजीव चिकित्सक भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के विशेषज्ञों से भी लगातार संपर्क में हैं और अस्वस्थ हाथियों का इलाज चल रहा है. आशंका है कि हाथियों ने कोई जहरीला या नशीला पदार्थ खाया होगा. फिलहाल आधिकारिक पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
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