यमुनानगर, 3 नवंबर
यमुनानगर के बिलासपुर तहसील में विजिलेंस की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।विजिलेंस की टीम ने कृषि योग्य जमीन का इंतकाल करवाने के नाम पर 14 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले तहसील के निजी सहायक नरेंद्र को विजिलेंस की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
शिकासतकर्ता पहले ही आरोपी को 4 हजार रूपये दे चुका था, बाकि कि राशि 10,000 रूपए देते हुए विजिलेंस की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। विजिलेंस इंस्पेक्टर तेजपाल ने बताया के शिकायतकर्ता के पास कृषि योग्य भूमि है और वह अपनी जमीन का इंतकाल करवाना चाहता था। इसके लिए वह पिछले करीब छह महीने से बिलासपुर तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसका काम नहीं हो पा रहा था।इसी दौरान उसकी पटवारी से बातचीत हुई। आरोप है कि पटवारी ने उसे अपने निजी सहायक नरेंद्र से मिलने के लिए कहा।
इसके बाद निजी सहायक नरेंद्र ने इंतकाल करवाने के नाम पर शिकायतकर्ता से 14 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने पहले ही 4 हजार रुपये आरोपी को दे दिए थे। इसके बाद शिकायत विजिलेंस विभाग तक पहुंची और आज विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर बाकी के 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए निजी सहायक नरेंद्र को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस टीम जांच में जुटी
फिलहाल विजिलेंस की ओर से मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस पूरे मामले में संबंधित पटवारी की कोई भूमिका थी या नहीं। इसके अलावा तहसीलदार से भी पूछताछ की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विजिलेंस की अपील – रिश्वतखोरी की शिकायत करें
विजिलेंस इंस्पेक्टर तेजपाल ने स्पष्ट किया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश हैं कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा किसी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगे जाने पर लोग इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल फ्री नंबर पर कर सकते हैं। विभाग की ओर से शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया गया है, जहां लोग अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
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