भिवानी, 3 नवंबर
भिवानी में सैनिक कैंटीन में पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लेने के लिए अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इस दौरान कैंटीन में सामान की उपलब्धता, ग्राहकों की समस्याओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। दिवाली और त्योहारों के सीजन को देखते हुए कैंटीन में ग्रॉसरी और अन्य जरूरी सामान की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
चार कैंटीनों का किया निरीक्षण
भिवानी कैंटीन में जगह की कमी को दूर करने के लिए नई जगह तलाशने और कैंटीन को शिफ्ट करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। सैनिक कैंटीन में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीर माताओं और उनके आश्रितों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में बाढड़ा, झोझू, चरखी दादरी और भिवानी की चार कैंटीनों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
त्योहारों पर सामान की कमी न हो
निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि कैंटीन में ग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही और उन्हें निर्धारित पात्रता के अनुसार सामान उपलब्ध करवाया जा रहा है या नहीं। त्योहारों के सीजन को देखते हुए कैंटीन प्रबंधकों को ग्रॉसरी और अन्य जरूरी सामान की मांग के अनुसार पहले से स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दिवाली के दौरान ग्राहकों को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।
त्योहारों पर सामान की उपलब्धता सुनिश्चित
अधिकारी ने बताया कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सेवा करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। त्योहारों के दौरान सामान की बढ़ती मांग को देखते हुए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही ग्राहकों से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव कैंटीन में रखी सुझाव पुस्तिका में दर्ज करवाएं, ताकि उन पर उचित कार्रवाई की जा सके।
भिवानी कैंटीन के लिए नई जगह की खोज
कर्मचारियों के साथ बहस करने के बजाय अपनी शिकायत लिखित रूप में देना बेहतर है।भिवानी सैनिक कैंटीन में जगह की कमी की समस्या को लेकर भी अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि कैंटीन को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल ऐसी उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई है, जहां पार्किंग, फायर एनओसी और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से जींद की तर्ज पर सैनिक बोर्ड, कैंटीन और ECHS को एक ही परिसर में स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। यदि यह व्यवस्था सभी जिलों में लागू होती है, तो पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ कैंटीन की समस्याओं का भी समाधान हो सकता है।
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