नूंह, 19 अक्टूबर
कोली समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए समाज के लोगों को एकजुट होकर शिक्षा को प्राथमिकता देनी होगी और सामाजिक बुराइयों से दूर रहना होगा। शिक्षित और संगठित समाज ही प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। यह बात वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व जिला पार्षद जगन सिंह कोली ने नूंह के खेड़ला स्थित सद्भावना मंडप में आयोजित कोली समाज जागरूकता एकता मंच के द्वितीय वार्षिक सम्मेलन एवं समाज गौरव सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।
आयोजकों ने पगड़ी पहनाकर बढ़ाया अतिथियों का मान
कार्यक्रम में जगन सिंह कोली मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता पूर्व डिप्टी कमांडेंट एवं जिला अध्यक्ष सूबे सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा महात्मा बुद्ध की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजकों ने मुख्य अतिथि जगन सिंह कोली का फूल-मालाओं से स्वागत किया और पगड़ी बांधकर सम्मानित किया।
सामाजिक बुराइयों से दूर रखने पर दिया जोर
जगन सिंह कोली ने कहा कि समाज को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलकर शिक्षा, संगठन और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना और उन्हें सामाजिक बुराइयों से दूर रखना प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है। समाज में एकता मजबूत होगी, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
बाबा साहेब के दिखाए रास्ते पर चलने का आह्वान
जगन सिंह कोली ने कहा कि देश में बड़ी आबादी होने के बावजूद समाज के अनेक वर्ग आज भी पिछड़ेपन का सामना कर रहे हैं। समाज में बिखराव के कारण सामूहिक हितों को नुकसान पहुंचता है। इसलिए समय की मांग है कि लोग आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें। उन्होंने बाबा साहेब के विचारों को जीवन में अपनाने तथा उनके दिखाए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।बाबा साहेब के विचारों को अपनाने पर जोर दिया।
समाज में समानता के प्रतीक हैं डॉ. अंबेडकर
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय के अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संविधान के माध्यम से उन्होंने प्रत्येक नागरिक के अधिकारों को मजबूत आधार प्रदान किया तथा छुआछूत और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष किया।वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब का संदेश शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
106 वर्षीय भूरी देवी सहित बुजुर्गों और प्रतिभाओं का सम्मान
सम्मेलन के दौरान समाज के प्रति योगदान और अनुभव के लिए 106 वर्षीय बुजुर्ग भूरी देवी सहित 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को पगड़ी बांधकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके अलावा BAMS पाठ्यक्रम में चयन होने पर सपना पुत्री रघुबीर को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि बुजुर्ग समाज की धरोहर हैं, जबकि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली प्रतिभाएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं।
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