जींद, 14 अक्टूबर
एशियन गेम्स 2026 में 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन करने वाली जींद की फौजी बेटी नीरू ढांडा के अपने गृह जिले में पहुँचने पर जोरदार स्वागत किया गया। जींद पहुँचकर उन्होंने ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर में दर्शन कर माता रानी का आशीर्वाद लिया। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी सफलता, संघर्ष और भविष्य के सपनों को साझा किया। नीरू ढांडा ने कहा कि वह बेहद सौभाग्यशाली हैं कि नवरात्रि के पावन पर्व पर उन्हें माँ जयंत्या देवी मंदिर में शीश नवाकर आशीर्वाद लेने का अवसर मिला।
अपनी इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय उन्होंने अपने गाँव , खेल कमेटी, ग्रामवासियों और क्षेत्र के लोगों को दिया। उन्होंने कहा कि अपनों के अटूट सहयोग और दुआओं की वजह से ही वह आज इस मुकाम तक पहुँच सकी हैं।
48 वर्षों का सूखा किया खत्म
नीरू ढांडा ने बताया कि उनके इवेंट में 48 साल के लंबे अंतराल के बाद देश को गोल्ड मेडल मिला है। एशिया में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला बनने पर उन्होंने गर्व जताया। युवाओं को प्रेरित करते हुए नीरू ने कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों और संघर्षों से घबराना नहीं चाहिए। संघर्ष ही खिलाड़ी को मजबूत बनाता है ।
‘विकसित भारत 2047′ में योगदान
नीरू ढांड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत‘ के संकल्प में हरियाणा के खिलाड़ियों, उनकी टीम और गाँव का अहम योगदान रहेगा। नीरू ने सरकार से अपील की कि बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल क्षेत्र में भी सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे अपनी बेटियों पर विश्वास रखें और उन्हें आगे बढ़ने व अपने सपने पूरे करने की पूरी आज़ादी दें।
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