NEET-UG पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों पर आज होगी सुनवाई, डिलीट चैट और PDF से मिले अहम सबूत

दिल्ली, 13 अगस्त NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट पर राउज एवेन्यू स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को संज्ञान…

NEET-UG पेपर

दिल्ली, 13 अगस्त

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट पर राउज एवेन्यू स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को संज्ञान लिया। अदालत ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल करीब 20 हजार पन्नों की अंतिम रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए कहा कि गुरुवार से आरोप तय करने को लेकर दलीलें सुनी जाएंगी।

तीन विषय विशेषज्ञों पर पेपर लीक का आरोप

CBI के मुताबिक, NTA के तीन विषय विशेषज्ञ रसायन विज्ञान के पीवी कुलकर्णी, भौतिकी की मनीषा संजय हवालदार और वनस्पति एवं प्राणि विज्ञान की मनीषा गुरुनाथ मांढरे पर पेपर लीक के आरोप लगे थे। CBI ने बताया कि तीनों ने अलग-अलग तरीकों से NTA कार्यालय से NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक किए।

जांच में यह भी सामने आया कि गोपनीय स्थान से बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की किसी ने भी तलाशी नहीं ली , जिसका फायदा उठाकर प्रश्नपत्र बाहर निकाले गए। इसके बाद लीक पेपर को आगे पहुंचाने की साजिश रची गई।

मई में हुई आरोपियों की गिरफ्तारियां

CBI ने 13 मई को राजस्थान से मंगीलाल, दिनेश और विकास बिवल को गिरफ्तार किया था। उनके मोबाइल फोन से 29 अप्रैल को टेलीग्राम के जरिए लीक प्रश्नपत्र की PDF मिलने की बात सामने आई।

इसी दिन गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार को भी गिरफ्तार किया गया। पुणे के धनंजय लोखंडे पर सबूत मिटाने के लिए मोबाइल नष्ट करने की कोशिश का आरोप है। 14 मई को पुणे से मनीषा संजय वाघमारे को गिरफ्तार किया गया। CBI के अनुसार, वह उम्मीदवारों और विषय विशेषज्ञों के बीच कड़ी का काम कर रही थीं और आर्थिक लाभ के लिए पेपर लीक तथा उसके प्रसार की साजिश में उनकी अहम भूमिका थी।

इसके बाद 15 मई को लातूर से कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी, 16 मई को पुणे से मनीषा गुरुनाथ मांढरे और 17 मई को लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया। 22 मई को मनीषा संजय हवालदार और 26 मई को तेजस शाह तथा डॉ. मनोज शिरुरे की गिरफ्तारी हुई।

डिलीट चैट और लीक पेपर की PDF बरामद

CBI ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच के दौरान डिलीट किए गए WhatsApp चैट और लीक प्रश्नपत्रों वाली PDF बरामद की गईं। जांच एजेंसी ने जब्त डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और दस्तावेजों का फॉरेंसिक विश्लेषण कराया, जिसमें कथित पेपर लीक साजिश से जुड़े अहम सबूत मिले।

CBI ने मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। अब अदालत में आरोप तय करने को लेकर दलीलें शुरू होने की संभावना है।

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