चंडीगढ, 5 अगस्त
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। आज सदन की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई।प्रश्नकाल के दौरान विधायक चेतन सिंह जोड़ामाजरा द्वारा बिल्डिंग मटेरियल और मजदूरी दरों का मुद्दा उठाया गया। इस पर कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि बिल्डिंग मटेरियल की दरें लोक निर्माण विभाग (PWD) तय करता है। इसके लिए डिप्टी कमिश्नरों की एक समिति गठित की गई है, जो पंचायतों के विकास कार्यों के लिए दरें निर्धारित करती है।
लेबर रेट में भी संशोधन किया जाएगा और जरूरत के अनुसार बिल्डिंग मटेरियल की कीमतों की समीक्षा कर नई दरें तय की जाएंगी। कुछ जिलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष जिलों के लिए संबंधित मंत्री के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के कार्यकाल का अंतिम विधानसभा सत्र
10 अगस्त तक चलने वाला यह मानसून सत्र मौजूदा पंजाब सरकार के कार्यकाल का अंतिम विधानसभा सत्र है। तीसरे दिन सदन में छह रिपोर्टें पेश की जाएंगी। इसके अलावा पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 भी प्रस्तुत किया जाएगा।
सत्र के पहले दो दिनों में विधानसभा ने केंद्र सरकार की नीतियों से जुड़े दो प्रस्ताव पारित किए। इनमें ई-20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति को फिलहाल लागू न करने की मांग वाला प्रस्ताव भी शामिल है। विधानसभा का कहना है कि वाहन सुरक्षा, तकनीकी अनुकूलता और उपभोक्ताओं की चिंताओं का समाधान होने तक ई-20 को अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर हुई कार्रवाई के विरोध में भी एक प्रस्ताव पारित किया गया।
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