गुरुग्राम, 3 अगस्त
गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम का अधिकारी बनकर फ्लैट में फर्जी छापेमारी करने और लोगों को बंधक बनाकर 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह का मुख्य आरोपी ऋषि अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दिल्ली पुलिस के तीन फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 29 और 30 जुलाई की रात खेड़की दौला थाना पुलिस को सेक्टर-86 स्थित अंसल हाइट्स सोसायटी में विवाद की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जहां शिकायतकर्ता ने तीन युवकों और एक महिला को पुलिस के हवाले किया।शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ फ्लैट में पार्टी कर रहा था। इसी दौरान एक महिला अपने पांच साथियों के साथ जबरन फ्लैट में दाखिल हुई। सभी आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम का सदस्य बताते हुए फ्लैट में रेड डालने की बात कही।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके दोस्तों को बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद अवैध गतिविधियों में फंसाने और केस दर्ज कराने की धमकी देकर 25 लाख रुपये की मांग की गई।इसके बाद गिरोह का मुख्य आरोपी ऋषि शिकायतकर्ता के दोस्त सागर को पैसे लेने के बहाने अपनी कार में बैठाकर ले गया। वहीं, बाकी आरोपी फ्लैट में मौजूद लोगों को धमकाते रहे। रास्ते में सागर को आरोपियों की मंशा पर शक हुआ तो उसने अपने साथियों को लाइव लोकेशन भेज दी। लोकेशन मिलने के बाद उसके साथी मौके पर पहुंचे और चार आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि ऋषि स्विफ्ट कार लेकर फरार हो गया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतविन्द्र (46), टीनू (42), नवीन (40) और स्नेहा उर्फ सना (21) के रूप में की है। सभी आरोपी रोहतक जिले के रहने वाले हैं।पूछताछ में सामने आया कि फरार आरोपी ऋषि ने शिकायतकर्ता के बारे में जानकारी जुटाई थी और बताया था कि वह आर्थिक रूप से मजबूत परिवार से है। इसके बाद सभी ने मिलकर फर्जी पुलिस टीम बनकर फ्लैट में घुसने और डराकर पैसे वसूलने की साजिश रची।योजना के तहत महिला आरोपी ने फ्लैट की घंटी बजाई और दरवाजा खुलते ही सभी आरोपी अंदर घुस गए। पुलिस जांच में आरोपियों के पास से दिल्ली पुलिस के तीन नकली पहचान पत्र मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ये फर्जी आईडी ऋषि ने उपलब्ध कराई थीं।गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां महिला आरोपी स्नेहा उर्फ सना को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि अन्य तीन आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गुरुग्राम पुलिस अब फरार आरोपी ऋषि समेत फर्जी पहचान पत्र बनाने वालों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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