AMBALA में कम बारिश के चलते किसान हुए मायूस,खेतों में फसलें सूखने की कगार पर, बिजली के कट के कारण भी किसान परेशान

अंबाला, 2  अगस्त अंबाला में अब की बार बारिश न होने से किसान मायूस नजर आ रहे है । अंबाला में हर बार 15 जून…

अंबाला

अंबाला, 2  अगस्त

अंबाला में अब की बार बारिश न होने से किसान मायूस नजर आ रहे है । अंबाला में हर बार 15 जून से मॉनसून की बारिश शुरू हो जाती है ,लेकिन अबकी बार जून गया और जुलाई भी पूरा निकल चुका है लेकिन एक भी बारिश अच्छी नहीं हुई, जिसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ रहा है । भीषण गर्मी पड़ने के कारण बिजली के कट लगने से भी किसान ट्यूबल से भी सिंचाई नहीं कर पा रहे जिसकी वजह से फसल खराब होने की कगार पर है।

वहीं कृषि विभाग डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि हरियाणा मे ज्यादातर फसलें ट्यूबल की सिंचाई से होती है । उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान की फसल की सीधी बिजाई करें वहीं धान की बजाय बाजरा , दलहन , तिलहन फसलों की बिजाई करने के लिए प्रेरित किया है ।

पूरे देश में मॉनसून ने हाहाकार मचा रखा है। वहीं अंबाला में अबकी बार मॉनसून की बारिश हुई ही नहीं ,जिसके चलते किसानों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है । बारिश न होने से किसानों की फसलें बर्बाद होने की कगार पर है । वहीं किसान कोशिश कर रहे है कि ट्यूबल दारा सिंचाई करके फसलों को बचाया जा सके। लेकिन गर्मी ज्यादा पड़ने के कारण लो वोल्टेज और कट लगने की वजह से भी सिंचाई नहीं हो पा रही ।

किसानों का कहना है कि धान की फसल सीधी बिजाई करके भी लगाई ,लेकिन अब सभी फसलें सूखने की कगार पर है ।किसानों को कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है किसान काफी मायूस नजर आ रहे है।

कृषि विभाग डिप्टी डायरेक्टर जसविंदर सैनी से बात की तो उन्होंने कहा कि हमारे यहां 99% फसलों की सिंचाई ट्यूबल के द्वारा होती है ,इसलिए अंबाला में सूखे का असर कम दिखाई दे रहा है । उन्होंने कहा कि अगर किसी भाई के पास ट्यूबल का इंतजाम नहीं है, तो वो दूसरी फसलों तरफ जा सकता है ।जैसे- बाजरा , दलहन ,तिलहन जिसपर सरकार द्वारा 8 हजार रुपए सब्सिडी भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जो फसलें कम पानी में हो सकती है किसान वो फसलें उगा सकते है ।

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