PALWAL में गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा और पूर्ण गौ-हत्या प्रतिबंध की मांग को लेकर निकाली विशाल पदयात्रा , सैकड़ों गौ-भक्त, संत, गौ-रक्षक हुए शामिल

पलवल, 28 जुलाई पलवल में  गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत पलवल में गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा देशभर में पूर्ण एवं  गौ-हत्या…

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पलवल, 28 जुलाई

पलवल में  गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत पलवल में गौ-माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने तथा देशभर में पूर्ण एवं  गौ-हत्या प्रतिबंध लागू करने की मांग को लेकर विशाल पदयात्रा एवं जन-जागरण रैली का आयोजन किया गया। जय श्री राम के जयघोष और गौ माता की जय के नारों के साथ पूरा  सैकड़ों गौ-भक्त, संत, गौ-रक्षक, विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता एवं समाजसेवी इस पदयात्रा में शामिल हुए।

यह अभियान देश के सभी 790 जिलों में एक साथ आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य गौ-संरक्षण के प्रति जन-जागरण और केंद्र सरकार तक जनभावनाओं को पहुंचाना है।इस गौ माता को राष्ट माता का दर्जा  अभियान के मुख्य आयोजक पंचवटी मंदिर के पीठाधीश्वर  ऋषिदास महाराज ने कहा कि भारत की संस्कृति, आस्था और सभ्यता में गौ-माता का सर्वोच्च स्थान है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष अप्रैल में आयोजित सफल अभियान के बाद यह दूसरा बड़ा राष्ट्रव्यापी आयोजन है।

ऋषिदास महाराज ने जानकारी दी कि अब तक देशभर से लगभग 40 करोड़ नागरिकों के हस्ताक्षर युक्त पत्र महामहिम राष्ट्रपति के नाम भेजे जा चुके हैं। अब जिला उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर दो प्रमुख मांगें रखी जा रही हैं। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाए तथा पूरे देश में गौ-हत्या पर पूर्ण एवं प्रभावी वैधानिक प्रतिबंध लागू किया जाए।

पदयात्रा में शामिल संतों ने कहा कि गौ-माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, अर्थव्यवस्था और आध्यात्मिक परंपरा का आधार हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में गोवंश की अवैध हत्या की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उनका कहना था कि गौ-संरक्षण के लिए पूरे देश में एक समान और सख्त केंद्रीय कानून बनाया जाना चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के क्षेत्रीय महामंत्री मुनीश भारद्वाज ने कहा कि देश की बड़ी संख्या में जनता गौ-माता और सनातन संस्कृति के प्रति गहरी आस्था रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गौ-संरक्षण के लिए प्रभावी अब और ठोस कदम उठाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि इस विषय की लगातार अनदेखी की गई तो इससे व्यापक जन असंतोष पैदा हो सकता है।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि गौ संरक्षण किसी एक संगठन या समुदाय का विषय नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत और जनभावनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। उन्होंने सभी नागरिकों से गौ संरक्षण और गौ सेवा के प्रति जागरूक रहने तथा इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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