दिल्ली, 25 जुलाई
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से इसकी आधिकारिक जानकारी दी गई।
मिली जानकारी के अनुसार भाजपा रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी उन्हें अहम भूमिका सौंप सकती है। साथ ही, वे खुद भी किसी महत्वपूर्ण सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू लंबे समय से भाजपा के प्रमुख सिख चेहरों में गिने जाते हैं। उनका संबंध पंजाब के प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से है। उनके दादा बेअंत सिंह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बिट्टू राज्यसभा सांसद के माध्यम से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे, लेकिन जून में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा सदन में नहीं भेजा गया। तभी से उनके मंत्री पद छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
अगले साल मार्च-अप्रैल में पंजाब सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अभी पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि कांग्रेस आंतरिक कलह से जूझ रही है। ऐसे में भाजपा इसे अपने विस्तार का अवसर मान रही है और राज्य में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत पार्टी सिख नेतृत्व को भी प्रमुखता देने पर जोर दे रही है, ताकि अपनी पारंपरिक शहरी हिंदू वोट बैंक की छवि से आगे बढ़कर सामाजिक आधार का विस्तार किया जा सके।



