15 जुलाई
बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को भारतीय सिनेमा और सामाजिक कार्यों में उनके योगदान के लिए ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी द्वारा ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ (मानद डॉक्टरेट) की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान रानी मुखर्जी को 14 अगस्त को मेलबर्न के फेडरेशन स्क्वायर में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा, जो इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 का हिस्सा होगा। यह फिल्म महोत्सव 13 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
रानी मुखर्जी को यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके लगभग 30 सालों तक दिए लंबे योगदान और महिलाओं, बच्चों औऱ समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए किए गए उनके सामाजिक कार्यों के लिए दिया जाएगा।
उन्होंने ‘ब्लैक‘, ‘हिचकी‘, ‘मर्दानी‘ और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे‘ जैसी फिल्मों के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, शिक्षा, सामाजिक बदलाव और मानवीय संवेदनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर प्रस्तुत किया है।
रानी मुखर्जी ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि ला ट्रोब यूनिवर्सिटी से यह सम्मान मिलना उनके लिए बेहद गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि सिनेमा उनके जीवन का सबसे बड़ा शिक्षक रहा है और उन्हें हमेशा ऐसी कहानियों का हिस्सा बनने का अवसर मिला, जो साहस और सकारात्मक बदलाव का संदेश देती हैं।

