KAITHAL में डीसी अपराजिता ने शुरू की एक ओर नई पहल, वस्त्र दान अभियान का किया शुभारंभ, आमजन पुराने वस्त्रों का करें दान

कैथल, 14 जुलाई कैथल की डीसी अपराजिता ने जिले में स्टंबल लैब, प्यारी बेटी मुहिम के साथ-साथ वस्त्र दान अभियान का मंगलवार लघु सचिवालय से…

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कैथल, 14 जुलाई

कैथल की डीसी अपराजिता ने जिले में स्टंबल लैब, प्यारी बेटी मुहिम के साथ-साथ वस्त्र दान अभियान का मंगलवार लघु सचिवालय से शुभारंभ किया। जहां लोगों के घरों में बिना उपयोग के रखे हुए कपड़ों, कटे-फटे कपड़ों को एकत्रित करने के लिए रखे गए बॉक्स में कपड़े दान करें। डीसी अपराजिता  ने इस अभियान  की शुरूआत की है। अभियान के तहत जिले में छह स्थानों पर ऐसे विशेष बॉक्स रखे गए हैं। इनमें लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र, नगर आयुक्त कार्यालय, नगर परिषद भवन, आईटीआई परिसर, ग्यारह रुद्री मंदिर तथा माता गेट शामिल हैं। जिनमें लोग अपने ऐसे कपड़े दान कर सकते हैं, जिन्हें वे उपयोग नहीं कर रहे या फिर ऐसे कपड़े, जो घरों में कटे-फटे पड़े हुए हैं।

डीसी ने अभियान की शुरुआत करते हुए लोगों से अपील की है कि लोग ऐसे कपड़े निर्धारित स्थानों पर रखे बॉक्स में दान करें। नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग की अगुवाई में कई पार्षदों ने भी इस अभियान के तहत कपड़े दान कर इसमें योगदान दिया।  डीसी ने शुभारंभ अवसर पर कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कैथल में वस्त्र दान अभियान की शुरुआत की है, ताकि उपयोग योग्य पुराने कपड़े जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाए जा सकें तथा अनुपयोगी वस्त्रों का री-साइक्लिंग कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।

डीसी ने कहा कि समाज और पर्यावरण के प्रति हमारी छोटी-छोटी पहल भी बड़े बदलाव का माध्यम बन सकती है। घरों में रखे ऐसे कपड़े, जिनका उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें दान कर जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है। वहीं, जो कपड़े उपयोग योग्य नहीं हैं, उन्हें फैक्ट्री में भेजकर रि-साइकिल किया जाएगा, जिससे फाइबर तैयार होगा और वस्त्र अपशिष्ट में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। कटे-फटे कपड़ों को इधर-उधर न फेंके, बल्कि इन बॉक्स में डालें। ताकि ये कटे-फटे कपड़े मिट्टी में जाकर, नालियों में जाकर नुकसान न पहुंचाएं। स्वच्छता को खराब न करें। स्वच्छता बनाए रखते हुए कपड़ों को इन बॉक्स में डालें।

नगर परिषद की चेयरपर्सन सुरभि गर्ग ने कहा कि आज के समय में कपड़ों की वेस्टेज लगातार बढ़ रही है। ऐसे में घरों में पड़े अनुपयोगी कपड़ों को संग्रहित कर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना तथा पुराने व फटे कपड़ों को री-साइक्लिंग के लिए भेजना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि डीसी अपराजिता द्वारा शुरू किया गया यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक सेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

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