यमुनानगर, 14 जुलाई
पिंजौर में आयोजित 33वें मैंगो मेले में इस बार यमुनानगर के किसानों ने अपनी अलग पहचान बनाई। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज ने मेले का दौरा किया। चार जिलों से आए किसानों ने विभिन्न किस्मों के आम प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी में दिए गए सात पुरस्कारों में से पांच पुरस्कार यमुनानगर के किसानों को मिले। इसे जिले के किसानों और कृषि विभाग के बागवानी विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पिंजौर में आयोजित 33वें मैंगो मेले में आम की उन्नत और दुर्लभ किस्मों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। यमुनानगर के किसानों ने अपनी मेहनत और आधुनिक बागवानी तकनीकों के दम पर शानदार प्रदर्शन किया। सात श्रेणियों में दिए गए पुरस्कारों में पांच पुरस्कार यमुनानगर के किसानों को मिलने से जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन हुआ। मेले का निरीक्षण करते हुए कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज ने किसानों के प्रयासों की सराहना की और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया।
सरकार किसानों के लिए बागवानी क्षेत्र में कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को 30 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जिसका बड़ी संख्या में किसान लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुनानगर के 15 से 20 किसान प्रगतिशील किसान की श्रेणी में शामिल हैं, जो आधुनिक तकनीकों और विभिन्न फसलों की खेती कर लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
बागवानी विभाग का कहना है कि सरकार की योजनाओं और किसानों की मेहनत का ही परिणाम है कि यमुनानगर आज बागवानी के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में जिले के और अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
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