Sirsa Grenade Attack:
हरियाणा के सिरसा महिला थाने पर हुए हमले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पंचकूला कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी है। इस हमले का साजिशकर्ता पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी को बताया है। चार्जशीट में 9 नाम हैं, जिनमें से 2 पाकिस्तानी हैं। 5 आरोपी सिरसा और 2 पंजाब के रहने वाले हैं। 25 नवंबर 2025 में थाने पर देसी ग्रेनेड हमला हुआ था। हालांकि तब इसे सामान्य धमाका माना गया। बाद में इसकी एक वीडियो वायरल हुई। जिसमें सामने आया कि यह प्री-प्लान्ड हमला था। जिसकी साजिश पाकिस्तान में चली गई। इसके बाद इस केस में एनआईए की एंट्री हुई।
पाकिस्तानी डॉन मुख्य साजिशकर्ता
जांच के बाद एनआईए की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दायर हुई। पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी, सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलूच को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। केस में सिरसा के धीरज उर्फ धीरू, विकास उर्फ विक्की, संदीप उर्फ दैमर, विकास, सुशील उर्फ सिल्लू, मोहम्मद सिजान उर्फ सिजान उर्फ गाजी और गुरजंत सिंह अरेस्ट हैं। वहीं, एक नाबालिग अपराची ने बेल के लिए याचिका लगाई थी, जो खारिज कर दी गई।
एनआईए चार्जशीट में बड़े खुलासे
एनआईए के अनुसार, यह हमला पाकिस्तानी गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी द्वारा रची गई एक साजिश का हिस्सा था। जिसका मकसद भारत में पुलिस प्रतिष्ठानों और कर्मियों को निशाना बनाकर लोगों में दहशत फैलाना था।
जांच के अनुसार, शहजाद और सोहेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और गुप्त संचार चैनलों के माध्यम से हमलावर चुने और उन्हें कट्टरपंथी बनाया। भारत में ऑपरेशनल मॉड्यूल स्थापित किए थे। उसके बाद स्थानीय गुर्गों को पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले करने का काम सौंपा था। धीरज उनके इस मॉड्यूल का भारत गुर्ग था, जो स्थानीय मॉड्यूल के साथ हमलों के समन्वय के लिए जिम्मेदार था।
रैकी के बाद महिला थाना चुना
एनआईए की जांच में आगे पता चला कि संभावित लक्ष्यों की रेकी के बाद आरोपियों ने हमले के लिए सिरसा स्थित महिला पुलिस स्टेशन को चुना था। हमले में इस्तेमाल देसी ग्रेनेड पंजाब के अमृतसर से लाए थे। ग्रेनेड का इंतजाम गुरजंत सिंह ने किया।
क्या है सारा मामाल?
25 नवंबर 2025 की रात थाने के बाहर विस्फोट किया गया। इस घटना का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड भी किया गया। ताकि इसे प्रसारित और प्रचारित किया जा सके। जिस वक्त हमला हुआ, उस वक्त रात थी और तब लोगों ने इसे पर ज्यादा गौर नहीं किया। अगले दिन वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया। एनआईए की जांच के अनुसार, हमले के बाद भी आरोपी अपने हैंडलर और उसके सहयोगियों के संपर्क में रहा।
एनआईए ने यूएपीए, बीएनएस धाराओं के तहत आरोप
जांच में पाकिस्तान स्थित हैंडलर के निर्देशों पर आरोपियों द्वारा भर्ती, वित्तपोषण, परिचालन समन्वय, विस्फोटक पदार्थों की खरीद और आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की एक पूरी श्रृंखला स्थापित हुई। एनआईए ने विभिन्न डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, दस्तावेजी और फोरेंसिक साक्ष्यों की गहन जांच की है और मामले में शामिल अन्य विदेशी संबंधों और वित्तीय चैनलों के साथ-साथ बड़ी साजिश की जांच जारी रखी है। एनआईए ने आरोपियों पर यूएपीए, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
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