SGPC Ram Rahim Parole: SGPC सदस्य भगवंत सिंह सियालका ने, राम रहीम की पैरोल का किया कड़ा विरोध, बोले- सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला

SGPC Ram Rahim Parole: SGPC सदस्य एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका ने डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बार-बार दी जा रही है। पैरोल के…

SGPC Ram Rahim Parole: SGPC सदस्य भगवंत सिंह सियालका ने, राम रहीम की पैरोल का किया कड़ा विरोध, बोले- सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला

SGPC Ram Rahim Parole:

SGPC सदस्य एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका ने डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बार-बार दी जा रही है। पैरोल के मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हरियाणा सरकार तथा केंद्र सरकार पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। सियालका ने कहा कि राम रहीम को पैरोल देना एक ऐसा फैसला है। इससे सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का आरोप है। जो हत्या तथा बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहा है। उसे बार-बार पैरोल देना सरकारों (SGPC Ram Rahim Parole) की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

डेरे से जुड़े लोगों के नाम बेअदबी के मामले

सियालका ने कहा कि राम रहीम और उसके डेरे से जुड़े कई लोगों के नाम बेअदबी के मामलों में सामने आए हैं। लेकिन फिर भी सरकारें उसे विशेष सुविधाएं दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों ने मिलकर अकाली दल के खिलाफ माहौल बनाया था, लेकिन अब वही सरकारें राम रहीम के प्रति नरमी बरत रही हैं।

सोची-समझी रणनीति

उन्होंने कहा आगे कि राम रहीम से जुड़े मामलों को फरीदकोट से चंडीगढ़ स्थानांतरित करना भी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। सियालका ने आरोप लगाया कि इस व्यक्ति के लिए विशेष कानूनी व्यवस्थाएं की गईं। उसकी सजा से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए। उन्होंने कहा कि जो नियम आम कैदियों पर लागू होते हैं, वे राम रहीम पर लागू नहीं किए जा रहे हैं।

हरियाणा सरकार पर साधा निशाना

SGPC सदस्य ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सिख मामलों में हस्तक्षेप किया। एक अलग हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति का गठन किया। जबकि इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन समिति हर साल हरियाणा के गुरुद्वारों, स्कूलों और कॉलेजों को करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान करती थी। सियालका ने कहा कि जब भी देश में चुनाव होते हैं, राम रहीम को पैरोल दे दी जाती है। जो कि राजनीतिक फ़ायदा उठाने की एक कोशिश है। उन्होंने इस मामले को सरकारों का “दोहरा रवैया” बताया।

गृह मंत्री अमित शाह से भी हुई बैठक

गंभीर अपराधों की सज़ा काट रहे लोगों को बार-बार पैरोल दे दी जाती है। भाई बलवंत सिंह राजोआना और जेल में बंद अन्य सिखों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी उनकी रिहाई के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक बैठक भी हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस फ़ैसला नहीं लिया गया है।

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