Varinder Ghumman Death Case: अमृतसर में बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत मामले में फोर्टिस हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज, प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन न करने का आरोप 

Amritsar Bodybuilder Varinder Ghumman Death Case: अमृतसर के फोर्टिस एस्कोर्ट्स अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मन की मौत के मामले में पुलिस ने…

Varinder Ghumman Death Case: अमृतसर में बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत मामले में फोर्टिस हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज, प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन न करने का आरोप 

Amritsar Bodybuilder Varinder Ghumman Death Case:

अमृतसर के फोर्टिस एस्कोर्ट्स अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मन की मौत के मामले में पुलिस ने चार डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। स्पेशल मेडिकल बोर्ड की जांच में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अस्पताल के 4 डॉक्टरों पर केस दर्ज किया है। यह केस जांच के बाद दर्ज किया गया है। वरिंदर घुम्मन के पिता भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर गठित एसआईटी की जांच के (Varinder Ghumman Death Case) आधार पर यह कार्रवाई की गई।

इलाज में लापरवाही और प्रोटोकॉल नहीं किया पालन

पिता की शिकायत के मुताबिक, वरिंदर घुम्मन के पिता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके बेटे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी सर्जरी की। डॉक्टरों पर आरोप है कि सर्जरी के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन न करने के आरोप लगाए हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद एसआईटी गठित की जिसने जांच के दौरान चार डॉक्टरों को आरोपी ठहराया। जिन डॉक्टरों को नामजद किया गया है, उनमें डॉ. तपिश शुक्ला (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. अलका तिवारी (कंसल्टेंट एनेस्थीसिया), डॉ. राजिंदर कौर (हेड, एनेस्थीसिया विभाग) और डॉ. अरुण कुमार चोपड़ा (कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी) शामिल हैं। सभी डॉक्टर फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, अमृतसर से संबंधित हैं।

मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद केस दर्ज कर लिया गया है और मरीज के इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में ले लिए गए हैं। सर्जरी के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया, डॉक्टरों की भूमिका और आपात स्थिति में उठाए गए कदमों की जांच की जा रही है। जांच के तहत यह भी देखा जा रहा है कि ऑपरेशन के दौरान आवश्यक उपकरण, विशेषज्ञ स्टाफ और इमरजेंसी प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में नामजद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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