Chandigarh Youth Murder:
चंडीगढ़ के हल्लोमाजरा से एक युवक का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले उसे जबरन बाइक पर बैठाकर जीरकपुर ले जाया। जहां रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद डेराबस्सी ले जाकर लोहे की सरियों से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान सेक्टर-20 निवासी सुशील उर्फ साहिल के रूप में हुई है।
शुक्रवार दोपहर उसका शव डेराबस्सी सिविल अस्पताल की मोर्चरी में लावारिस हालत में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और शव को सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच की मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
जबरन बाइक पर बैठाकर फरार-
थाना सेक्टर-31 पुलिस को दिए बयान में हल्लोमाजरा के दीप कॉम्प्लेक्स निवासी विजय कुमार ने बताया कि वह रैपिडो बाइक कैब चलाता है। 5 फरवरी को वह अपने रिश्तेदार सुशील के साथ निजी काम से अंबाला और पेहोवा गया था। शाम को दोनों हल्लोमाजरा लौटे। करीब साढ़े चार बजे सुशील ने विजय को रविदास मंदिर के पास छोड़ा और खुद आगे बढ़ गया। इसी दौरान तीन-चार युवक वहां पहुंचे और अचानक सुशील के साथ मारपीट शुरू कर दी। विजय ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसे धमका दिया और सुशील को जबरन बाइक पर बैठाकर फरार हो गए। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला।
पहले से रंजिश का था मामला-
परिजनों के अनुसार नवंबर 2025 में जीरकपुर की प्रीत कॉलोनी में आरोपी अनिल के भाई का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पार्टी के दौरान शराब के नशे में कुछ युवकों ने सुशील से उसकी नई गाड़ी चलाने की जिद की। विवाद बढ़ने पर सुशील वहां से जाने लगा। तभी जन्मदिन मना रहा युवक अचानक गाड़ी के आगे आ गया और हादसे में उसकी मौत हो गई। इस मामले में जीरकपुर थाने में सुशील के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज था। हालांकि परिजनों का कहना है कि मामला जांच में था, लेकिन आरोपियों ने कानून पर भरोसा करने की बजाय खुद बदला लेने की ठान ली। इसी रंजिश के चलते सुनियोजित तरीके से उसका अपहरण कर हत्या कर दी गई।
दो महीने बाद थी शादी, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुशील की सगाई हो चुकी थी और करीब दो महीने बाद उसकी शादी तय थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हत्या की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सुशील के माता-पिता और बहन का पहले ही निधन हो चुका है। वह सेक्टर-20 स्थित सरकारी मकान में अपने भाई और भाभी के साथ रहता था और टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था।



