कैप्टन की सरकार जब सत्ता में आई तो जनता से किये वादों पर खरा उतरने का भरोसा दिया। 1 महीने में नशा खत्म करना था, हर घर रोजगार देने का वादा था, इंडस्ट्री लाने का वादा था, किसान कर्जमाफी का वादा था, लेकिन 6 महीने बीत गए वादे कितने पूरे हुए आज विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। सवालों की फेहरिस्त लेकर सुखबीर बादल एक बार फिर मीडिया से रूबरू हुए और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने कैबिनेट की गंभीरता ही खत्म कर दी है। कैबिनेट का इस्तेमाल राजनीतिक बयानबाजी की तरह कर रहे हैं। सुखबीर बादल ने कहा कि सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया। कर्जदार किसानों की कुर्की अब भी हो रही है। रोजगार देने के नाम पर धोखा हुआ। स्किल डेवेलपमेंट सेंटर बनाने की बजाए बंद कर दिए गए।
किसानों की कर्जमाफी हो या फिर इंडस्ट्री लाने का मुद्दा सुखबीर बादल ने वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को निशाने पर लेते हुए कहा कि मेरे छोटे भाई को फाइनेंस की समझ नहीं है। कैप्टन को वित्तमंत्री ही मरवाएगा वो सिर्फ एग्रीमेंट कर रहा है, एग्रीमेंट पूरा करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है।
इसके अलावा सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पेंशन बढ़ा कर देने का वादा किया गया था, लेकिन पेंशन दी नहीं जा रही। युवाओँ को स्मार्ट फोन देने का वादा भी पूरा नहीं किया। सस्ती बिजली और बेरोजगारी भत्ते भी नहीं दिए जा रहे। सुखबीर बादल ने कहा कि कैप्टन सरकार ने अपने वादे तो क्या पूरे करने बल्कि पिछली सरकार की स्कीमों को भी बंद कर दिया गया। गरीब लड़कियों को साइकिल दिए जाते थे, वो साइकिल देने भी बंद कर दिए।
