कॉमेडी के गूरू नवजोत सिंह सिद्धू मंत्री तो बन गए, लेकिन अपने मंत्रालय के अधिकारी ही उनके खिलाफ लामबंद हो गए, सिद्धू ने फ्रंट फुट से बल्लेबाजी तो शुरू की लेकिन उनके ही कर्मचारी उन्हें रन आउट करने में लग गए, दरअसल नवजोत सिंह सिद्धू ने नगर निगम के चार एसई को सस्पेंड करने का आदेश तो दे दिया लेकिन उन्हें शायद नहीं पता था कि उनके विभाग के कर्मचारी उनके इस एक्शन से नाराज हो जाएंगे, क्योंकि जिन चार जिलों में निगम के एसई पर कार्रवाई की गई है उसमें जालंधर लुधियाना पटियाला और अमृतसर शामिल हैं, और सिद्धू के फैसले के खिलाफ इन चारों निगमों के इंजीनियर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं।
इन चारों अधिकारियों के सस्पेंशन के बाद सिद्धू के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया ! निगमों के अन्य स्टाफ ओएंडएम सेल, बिल्डिंग विभाग सहित सफाई कर्मचारी यूनियनों ने भी इस कार्रवाई का विरोध किया है। लुधियाना में शुक्रवार को इस मामले को लेकर हुई यूनियन की बैठक के बाद सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया गया। सोमवार को निगम के कर्मचारी कैबिनेट मंत्री सिद्धू के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इनका आरोप है कि सिद्धू ने बिना जांच के ही कार्रवाई के आदेश दे दिए।
अनियमितता के आरोप में सिद्धू ने चार एसई को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही जालंधर, अमृतसर और लुधियाना के तत्कालीन निगम कमिश्नरों के खिलाफ चार्जशीट करने को लेकर सरकार को सिफारिश कर दी थी।

