न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : शादियों में ज्यादा खर्च करने को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी ने अपील की है कि खर्च को कम किया जाए। कमेटी के सदस्यों ने फैसला लिया है कि घरो में होने वाली शादी में कार्ड और मिठाई नहीं बांटेंगे। बचे हुए रूपये को वो गरीब बच्चों की पढ़ाई में लगाएंगे। दिल्ली कमेटी के प्रधान मंजीत सिंह जीके ने सिखों से अपील की है कि शादियों में कार्ड और मिठाई ना बांटे और उन रूपयों को गरीब बच्चों की शादियों और पढ़ाई में खर्च किया जाए। इस अपील को अकाल तख्त के जत्थेदार ने भी सराहनीय कदम बताया है। अकाल तख्त के जत्थेदार ने बताया कि इस बात पर हर सिख को गौर करना चाहिए ताकि पैसों को दुरूपयोग रोका जा सके।
दरअसल पिछले कुछ सालों में देखा गया है कि पंजाब में ज्यादातार शादियों में लाखों रूपये पानी की तरह बहा दिया जाता है। लेकिन अब उन पैसों को बचाने के लिए दिल्ली गुरुद्वारा मैनजमेंट कमेटी के प्रधान ने सिखों से अपील की है। इतना ही नहीं अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरवचन सिंह ने भी कमेटी के इस फैसले को अमल में लाने के लिए कहा है। जत्थेदार ने कहा है कि अगर सिख समाज के लोग घरों में होने वाली शादियों पर कार्ड और मिठाई न बांटे और उन पैसों से गरीब बच्चों की पढ़ाई में लगाए तो गरीब बच्चो का आने वाला भविष्य उज्ज्वल होगा। इससे समाज में सकारात्मक संदेश भी जाएगा।
दूसरी तरफ एसजीपीसी मेंबर किरणजोत कौर का कहना है कि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का यह फैसला काफी अच्छा है, जिसका सकारात्मक नतीजा आने वाले समय में देखने को मिलेगा। इससे पहले अकाल तख्त साहिब ने भी यह कहा था कि शादियों में खर्च कम से कम किया जाए। आजकल शादियों में ज्यादा से ज्यादा खर्च किया जा रहा है। फैंसी कार्ड और मिठाई पर बहुत खर्च किया है। दिखावे के लिए रूपये खर्च करने का सिलसिला नया नहीं है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इसका सिलसिला काफी बढ़ा है। अगर इसमें कमी आए तो आने वाले समय में सिख समुदाय दूसरों के लिए एक उदाहरण बनेगा।
