रूपनगर (पंजाब) : अगर आप सरकारी अस्पताल में इलाज कराने जा रहे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। हो सकता है कि सरकारी अस्पताल में इलाज की जगह आपकी जिंदगी ही खतरे में ना पड़ जाए। क्योंकि एक डॉक्टर के कारण ही 25 साल की कमलजीत कौर इस दुनिया में नहीं रही। रूपनगर के सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के लिए दाखिल कमलजीत की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पति चरणजीत ने बताया कि कमलजीत को डिलीवरी के लिए रूपनगर के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया थे। सभी घर में आने वाले नन्हें मेहमान के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। डिलीवरी के वक्त अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था, और जिसने इलाज किया उसे शायद अंदाजा नहीं था कि एक गलती कमलजीत के जिंदगी के डोर को काट देगी। चरणजीत ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के वक्त कमलजीत के शरीर के किसी नस को काट दिया गया, जिससे उसका खून बहने लगा। काफी कोशिश की गई हालात पर काबू पाने की, लेकिन कमलजीत की हालत गंभीर होती चली गई। जिसके बाद कमलजीत को पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। चरणजीत ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के वक्त कमलजीत के शरीर के किसी नस को काट दिया गया, जिससे उसका खून बहने लगा। काफी कोशिश की गई हालात पर काबू पाने की, लेकिन कमलजीत की हालत गंभीर होती चली गई। जिसके बाद कमलजीत को पीजीआई रेफर कर दिया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सरकारी अस्पताल की लापरवाही में गई महिला की जान
रूपनगर (पंजाब) : अगर आप सरकारी अस्पताल में इलाज कराने जा रहे हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। हो सकता है कि सरकारी…
