जम्मू-कश्मीर: नौशहरा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई गोली बारी में मोगा जिले के गांव तलवंडी मल्लिया निवासी सैनिक जसप्रीत सिंह गोली लगने से शहीद हो गया। शहीद होने से पहले 160 बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने वाला यह वही पंजाब का शेर सैनिक है जिसने पुरे देश का नाम रोशन किया ! जसप्रीत सिंह जस्सी की मौत की खबर सुनते ही छोटे भाइयों, बहन व माता-पिता को गश पडऩी शुरू हो गई। जहां पारिवारिक सदस्यों को जस्सी की मौत पर विश्वास नहीं हो रहा है, वहीं पूरे गांव में भी शोक की लहर है।
गरीब परिवार से संबंधित तथा राजगिरी का काम करते स्वर्ण सिंह व माता हरजिंद्र कौर का बेटा जसप्रीत जस्सी लगभग 4 वर्ष पहले भारतीय सेना की 8 सिखलाई यूनिट में भर्ती हुआ था। जसप्रीत सिंह जस्सी ने अपनी बड़ी बहन परविंद्र कौर की डोली दिसम्बर महीने में विदा की तथा उसके बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्यूटी दे रहा था। जसप्रीत जस्सी के छोटे भाई तथा 7वीं में पढ़ती छोटी बहन भी सदमे से बाहर नहीं आ रही है। आज जस्सी के शव का गांव आने पर पूरे सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा।

