चंडीगढ़: एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के सियासी गलियारों में मंगलवार को गहमागहमी का माहौल देखने को मिला | हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई | यह अनौपचारिक कैबिनेट बैठक करीब 2 घंटे तक चली | बैठक को लेकर हरियाणा के सहकारिता राज्य मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने बताया की आज की अनौपचारिक कैबिनेट बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पंजाब को नहर बनाने की टिप्पणी करने के मामले पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल नहर की मरम्मत के लिए हरियाणा सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आज जिस ढ़ंग से पंजाब सरकार को फटकार लगाई और कहा की पानी के बंटवारे का मसला बाद में देखा जाएगा पहले नहर का निर्माण तो किया जाए उससे साफतौर पर जाहिर होता है सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हरियाणा के हक में आएगा। इस मामले में कोर्ट में अगली सुनवाई 7 सितंबर 2017 को होगी।
इनेलो द्वारा सोमवार को एसवाईएल के मामले में किए गए प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शन तो हुआ ही नहीं, बड़ी-बड़ी गाडिय़ों में कुछ लोग आए थे, इसमें आम जनता शामिल नहीं थी। क्योंकि जनता तो ट्रैक्टर-ट्रालियों में आती है अपनी भागीदारी करने के लिए। उन्होंने कहा कि इस तरह रास्ते रोकने से पानी नहीं मिलने वाला,बल्कि समाज को परेशानी होती है।
