Chandigarh : प्रभाष स्टारर फिल्म ‘बाहुबली’ और ‘बाहुबली 2’ ने शानदार बिजनेस करके एक बात तो साफ कर दी है कि सिनेप्रेमियों को कंटेंट चाहिए। फिर चाहे फिल्म साउथ की हो या बॉलीवुड की। अब बाहुबली की दोनों सीरीज जब ब्लॉक-बस्टर साबित हुई तो इससे इंस्पायर होकर बॉलीवुड में भी रीमेक बनाने की सुगबुगाहट शुरू हुई। अभी इसमें काफी देरी है, लेकिन जल्द ही फिल्म ‘गेस्ट इन लंदन’ रिलीज हो रही है, जो साल 2010 में आई ‘अतिथि तुम कब जाओगे’ की सिक्वल है। वहीं दिसंबर में रिलीज के लिए तैयार ‘फुकरे रिटर्न्स’ सिक्वल है इसी नाम से बनी पिछली फिल्म का।

तो, चलिए आज हम आपको समझाते हैं, रीमेक, सिक्वल, प्रीक्वल और भूतों से सजी हिंदी फिल्मों का गणित। जिसके दम पर कई फिल्में तो हिट हो जाती हैं और कई टिकट के लिए तरस जाती हैं। बॉलीवुड में तो हमेशा से धूम-धड़ाके से मूवीज रिलीज की जाती है, लेकिन कई फिल्में ऐसी होती हैं, जिन्हें देखकर अपना सिर फोड़ने का मन करता है, ‘रेस’ फिल्म को ही लें जो हॉलीवुड की ‘गुड बॉय लवर’ की रीमेक थी, लेकिन काफी तामझाम के बावजूद फिल्म फ्लॉप हो गई।
नया नहीं रीमेक फिल्मों का आइडिया
तो, आपको बताते हैं कि बॉलीवुड और रीमेक के नाम पर बनी फिल्मों के इतिहास के बारे में। बॉलीवुड में तो रीमेक का दौर 50 के दशक से ही शुरू हो गया था। भगत सिंह के नाम से कई रीमेक बनाए जा चुके हैं। सिल्वर स्क्रीन पर मनोज कुमार से लेकर अजय देवगन तक भगत सिंह का किरदार निभाते नजर आए। जबकि मोस्ट लव्ड मूवी ‘शोले’ की रीमेक ‘रामगोपाल वर्मा की आग’ के नाम से आई, जिसे देखकर दर्शकों को हेडेक होने लगा। बॉलीवुड में रीमेक फिल्में बनाने का दौर अब काफी तेजी से बढ़ा है।

2014 में आई रितिक रोशन की ‘बैंग-बैंग’ ‘नाइट एंड डे’ तो ‘बॉडीगार्ड’ भी हॉलीवुड मूवी की इंडियन रीमेक थी। यही हाल 2008 में आमिर खान स्टारर मूवी ‘गजनी’ का था, जिसे आइडियेशन के नाम पर हॉलीवुड की ‘मोमेंटो’ से चुराकर रीमेक किया गया था। और तो और शाहरूख की सुपरहिट मूवी ‘बाजीगर’ तो ‘अ किस बिफोर डाइंग’, ‘अग्निसाक्षी’ ‘स्लीपिंग विथ द एनमी’, ‘हे बेबी’ ‘थ्री मेन एंड अ बेबी’, ‘मैं ऐसा ही हूं’ ‘कैक्टस फ्लावर’, ‘फिर हेरा फेरी’ हॉलीवुड की ‘लॉक, स्टॉक एंड टू स्मोकिंग बैरल्स’ की इंडियन रीमेक थी। ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ भी हॉलीवुड मूवी ‘पैच एड्म्स’ की हिंदी रीमेक थी। इसके अलावा ‘ब्योमकेश बख्शी’ मूवी हो या ‘उमराव जान’, या फिर ‘अग्निपथ’, डायरेक्टर बिना खास मशक्कत के फिल्मों को रीमेक के नाम पर दर्शकों को झटका देने से परहेज नहीं करते हैं। वैसे कई मूवी अच्छी बन पड़ती है जैसे ‘डॉन’ या ‘रॉक ऑन’, लेकिन व्यूअर अपने रिस्क पर कितने सदमे झेलें? अब आप समझ सकते हैं कि हमारे डायरेक्टर्स, प्रोड्यूर्स से लेकर एक्टर्स कितने इंटेलिजेंट हैं, अब आइडिया चुराने में भी तो आइडिया लगता है न।
सिक्वल, प्रीक्वल और रीबूट मूवीज
आगे बढ़ते हैं और चलते हैं सिक्वल मूवीज के संसार में, जिसे फिल्म की नेक्स्ट पार्ट के रूप में रिलीज किया जाता है। हॉलीवुड में तो सिक्वल के नाम से कई फिल्में आ चुकी हैं, जैसे ‘द मैट्रिक्स’, ‘ट्रांसफॉर्मर’, ‘जेम्स बांड’, ‘हैरी पॉटर’ सीरीज की मूवीज। बॉलीवुड की फिल्म ‘बेबी’ का सिक्वल ‘नाम शबाना’ के रूप में रिलीज हुआ। इसी तर्ज पर ‘गोलमाल’, ‘गोलमाल रिटर्न्स’ तो ‘मस्ती’, ‘ग्रैंड मस्ती’, ‘ग्रेट ग्रैंड मस्ती’ या फिर ‘सरकार 3’ हो या दिसंबर में आ रही ‘फुकरे रिटन्र्स’, सिक्वल मूवीज की लिस्ट बहुत लंबी है।

कुछ ऐसा ही हाल प्रीक्वल मूवीज का भी है। अब ‘हैरी पॉटर्स’ की सात मूवी आ गई और आठवीं में हैरी पॉटर की सच्चाई बताई गई, मतलब दो-तीन फिल्म के बाद कहानी की डिटेलिंग करना कहलाता है प्रीक्वल। ठीक इसी तर्ज पर कई फिल्मों को रीबूट कहकर दर्शकों के सामने रखा जा रहा है। 2016 में विशेष फिल्म प्रोडक्शन की ‘राज रीबूट’ भी पुरानी फिल्मों से इंस्पायर थी, कहानी और कैरेक्टर अलग पर नाम सेम टू सेम। हॉलीवुड में भी ‘स्पाइडरमैन’, ‘टर्मिनेटर’, ‘ग्रीन लैन्टर्न’, ‘द ग्रज’, ‘गॉडजिला’, ‘बैटमैन’ हो या ‘ट्रांसफॉर्मर’ सीरीज की मूवीज को रीबूट थीम के नाम पर बनाया जाता रहा है।
बॉलीवुड फिल्मों से पुराना भूतों का नाता
अब बात की जाए भूतों यानी घोस्ट की, अरे डरने की बात नहीं, हम जिक्र कर रहे हैं फिल्मों में दिखने वाले भूतों का जिन्हें हर कोई दोस्त बनाने को बेचैन रहता है। फिल्म ‘फिल्लौरी’ में जब अनुष्का शर्मा भूतनी बनीं हैं तो डरने की बात थोड़े ही है। हकीकत में कई लोग तो चाहते हैं कि काश उनकी लाइफ में अनुष्का कम से कम भूतनी बनकर ही आ जाये। कुछ ऐसे ही फ्रेंडली घोस्ट बॉलीवुड की कई फिल्मों में देखने को मिलते हैं, जैसे ‘चमत्कार’ फिल्म में नसरूद्दीन शाह।

साल 2012 में आई मूवी ‘तलाश’ में करीना कपूर भूत बनीं हैं। ‘हम, तुम और घोस्ट’ मूवी में बमन ईरानी भूत बने नजर आते हैं तो ‘भूत अंकल’ में जैकी श्राफ। बॉलीवुड फिल्मों में फ्रेंडली घोस्ट्स की लिस्ट थोड़ी लंबी है जैसे ‘पहेली’ में शाहरूख खान, ‘ओम शांति ओम’ में दीपिका पादुकोण, ‘मोहब्बतें’ में कुछ देर के लिए भूतनी की इंट्री लेती ऐश्वर्या रॉय, ‘हैलो ब्रदर’ में सलमान खान, तीनों खानों ने भूतों के साथ काम किया है और दो तो जीते जी घोस्ट बन गए, फिल्मों में। वैसे ‘टॉर्जन द वंडर कार’ में अजय देवगन भी भूत के किरदार में नजर आते हैं।
लॉस्ट बट नॉट लीस्ट ‘भूतनाथ’ और ‘भूतनाथ रिर्टन्स में’ द ग्रेट अमिताभ बच्चन।

मतलब, क्या ऐक्टिंग की है अमित सर ने हैट्स ऑफ फॉर हिम, वो तो इलेक्शन तक लड़ लेते हैं भूत बनकर। और चलते-चलते ये भी बता दें कि हालिया आई फिल्म ‘एक हसीना थी एक दीवाना था’ में भी लीड एक्टर भूत ही होता है।
