पीयू छात्र संघ के लिए उम्मीद्वारों की अंतिम सूची जारी
अध्यक्ष पद के लिए कुल 9 उम्मीद्वार मैदान में
पूसू, पीपीएसओ,एनएसओ और आईएसए का हुआ गठबंधन
एबीपीवी सिर्फ अध्यक्ष पद के लिए लड़ेगी चुनाव
चंडीगढ़ :पीयू के छात्र संघ चुनाव को लेकर शनिवार को उम्मीद्वारों की अंतिम सुची जारी कर दी गई। सूची को जारी करते हुए डीन स्टूडेंट वेलफेसर, प्रोफेसर इमानुअल नाहर ने कहा कि इस बार अध्यक्ष पद के लिए 9 उम्मीद्वार, उपाध्यक्ष के लिए 6, सचिव पद के लिए 10 उम्मीद्वार और संयूक्त सचिव के लिए 10 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। प्रोफेसर नाहर ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए कुल 46 नामांकन आए थे जिनमें से 37 ने नाम वापिस लिए। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए कुल नामांकल 47 थे जिनमें से 41 ने नाम वापिस लिए। सचिव पद के लिए कुल 59 नामांकन थे जिसमें से 49 ने नाम वापिस लिए और संयूक्त सचिव पद के लिए 54 नामांकन आए थे जिनमें से 44 ने नाम वापिस लिए।
9 हजार वोटर्स के चुनाव में हिस्सा लेने की संभावना- प्रोफेसर नाहर
इन चुनावों में 15690 मतदाता हैं लेकिन करीब 9 हजार मतदाताओं की चुनाव में हिस्सा लेने की उम्मीद है। क्योंकी बहुत से स्टूडेंट चुनाव के दौरान अपने अपने घर चले जाते हैं। जिससे चुनावों में वोटर्स की संख्या कम हो जाती है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रोफेसर इमानुअल नाहर ने कहा कि पीयू में चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आउटसाइडर्स को किसी भी हाल में पीयू में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा वाहनों की चैकिंग की जा रही है। हॉस्टलों में चुनाव प्रचार को लेकर समय पाबंदी लगा दी गई है। लड़कियों के हॉस्टल में रात 9 बजे और लड़को के हॉस्टल में रात 10 बजे तक ही चुनाव प्रचार किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि चुनाव के लिए पीयू में 14 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और चुनाव के दिन एक और तीन नंबर गेट को बंद रखा जाएगा।
पूसू ने किया गठबंध
पूसू तीन छात्र संघो पीपीएसओ, एनएसओ और आईएसए के साथ गठबंधन कर लिया है। पूसू के अध्यक्ष निशांत कौशल ने कहा कि पुसू किसी राजनीतिक पार्टी से नही जुड़ी है इसलिए हम दुसरे दलों की तरह राजनैतिक फायदों के लिए काम नहीं करते। हम सिर्फ छात्रों के मुद्दे रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने कुलदीप सिंह को अध्यक्ष पद के लिए उम्मीद्वार बनाया है वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए निधी लांबा, सचिव पद के लिए सुरज दहिया और संयूक्त सचिव पद के लिए करमबीर सिंह रंधावा को उम्मीद्वार बनाया है।
सिर्फ अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेगी एबीवीपी
दूसरी तरफ एबीवीपी सिर्फ अध्यक्ष पद पर ही चुनाव लड़ने का एलान किया है जिसके लिए पार्टी ने यूआईटी के अविनाश पांडे को उम्मीद्वार बनाया है। हालांकि एबीवीपी के ज्यादातर मुख्य मुद्दे राष्ट्रीय स्तर के हैं लेकिन पार्टी ने इन चुनावों के लिए पीयू के स्थानीय मुद्दों को आधार बनाया है। एबीवीपी के अध्यक्ष पद के दावेदार अविनाश पांडे ने कहा कि इस वक्त पीयू में सबसे बड़ा मुद्दा आर्थिक संकट का है। इसके लिए हमने एमएचआरडी से बात की है। एमएचआरडी ने कहा कि पांडूचेरी यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाए जाने पर विचार किया सकता है। हम पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
एनएसयूआई को मिला जीजीएसयू का साथ
एनएसयूआई ने भी एबीवीपी की तरह औपचारिक तौर पर किसी छात्र संघ के साथ गठबंधन नही किया है लेकिन गांधी ग्रुप यानी जीजीएसयू ने पार्टी के अध्यक्ष पद के उम्मीद्वार जशन कंबोज का समर्थन करने की बात कही है। जीजीएसयू का कहना है कि वे एनएसयूआई को सपोर्ट नहीं करेंगे लेकिन वे एनएसयूआई के उम्मीद्वार जशन कंबोज का पूरी तरह से स्पोर्ट करेंगे। एनएससूआई के नेता निरयोग मान ने कहा कि पीयू में उनकी जीत पक्की है क्योंकी एनएसयूआई ने पीयू में फीस बढौतरी के मामले में बेहतरीन काम कर इस फैसले को रुकवाया था और सरकार से फंड भी मंगवाने में कामयाब रही थी। इसलिए स्टूडेंट उन्हें जरुर वोट करेंगे।
सभी चारों पदों पर चुनाव लडेगी एसएफएस
वहीं एसएफएस ने किसी छात्र संघ के साथ समझौता नही किया है लेकिन फिर भी एसएफएस एक मुख्य दल बनकर सामने आ रहा है। एसएफएस दुसरे दलो के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। अपनी पोजिशन को देखते हुए एसएफएस ने सभी चारों पदों पर अपने उम्मीद्वार उतारे हैं। अध्यक्ष पद के हसनप्रीत को उम्मीद्वार बनाया है। उपाध्यक्ष पद के लिए शिव सौरव, सचिन पद के लिए रंजीत सिंह और संयुक्त सचिव पद के लिए करण गोयल को उम्मीद्वार बनाया है।
