ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज़: पहले आसाराम फिर रामपाल और 15 साल बाद राम रहीम, ये तीन कलंकी बाबा जेल के अंदर जा चुके है। अब राधे मां के खिलाफ हाईकोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल 15 साल एक पुराने मामले में राधे मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण फगवाड़ा एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है !
अंधभक्तों के पिताजी पहले से ही जेल की हवा खा रहे हैं और अब खुद को देवी कहने वाली राधे मां की बारी नजदीक है। क्योंकि राधे मां पर भी हाईकोर्ट ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाइकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कपूरथला के एसपी को कारण बताओ नोटिस भेजा है और सवाल पूछा है कि आखिर इतने दिनों तक एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई
ये पूरा मामला भी राम रहीम की तरह ही 15 साल पहले का है। और पंजाब के फगवाड़ा से जुड़ा है।तकरीबन 15 साल पहले यानी 2002 में पंजाब के फगवाड़ा में एक जागरण किया था। इस दौरान राधे मां का विरोध शुरू हो गया। ये प्रदर्शन तीन घंटे बाद तब खत्म हुआ था, जब राधे मां ने माफी मांग ली। इस विरोध की अगुवाई सुरिंदर मित्तल ने ही की थी।
सुरिंदर मित्तल ने स्वयंभू राधे मां पर कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है । मित्तल ने दायर याचिका में कहा था कि राधे मां से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं कि वो उनके खिलाफ न बोलें।
सुरेंद्र का कहना है कि उसने इस मामले में पुलिस से भी शिकायत की थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कपूरथला पुलिस को फटकार लगाई है। साथ ही 13 नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही पुलिस को यह भी बताना है कि इस मामले में आपराधिक मामला बनता है या नहीं। अगर आपराधिक मामला बनता है तो अब तक इस मामले में FIR दर्ज क्यों नहीं की गई।
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