…तो क्या कुंवारे रह जाएंगे अबोहर के लड़के

करीब डेढ़ लाख आबादी वाला शहर अबोहर अब गंदगी के नाम से जाना जाने लगा है। स्वच्छता रैकिंग में भी अबोहर का नाम गंदे शहरों…

करीब डेढ़ लाख आबादी वाला शहर अबोहर अब गंदगी के नाम से जाना जाने लगा है। स्वच्छता रैकिंग में भी अबोहर का नाम गंदे शहरों की सूची में शामिल था। लेकिन किस को इस बात की फिकर। अबोहर में गंदगी अब भी वैसी की वैसी ही है। गंदे शहरों की सूची से बाहर निकलने की कोई कोशिश नहीं की जा रही और अब आलम यह है कि गंदे शहर का असर लोगों की निजी जिंदगी पर भी पड़ने लगा है। जी हां वह इस तरह कि अब कोई भी अपनी बेटी की शादी अबोहर शहर में नहीं करना चाहता। अबोहर में ऐसे कई परिवार हैं जिनके बच्चों का रिश्ता सिर्फ इसलिए टूट गया क्योंकि अबोहर शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर हैं। सड़कों का बुरा हाल है। नवीन कुमार नाम के युवक के लिए श्रीनगर से रिश्ता आया लेकिन जब लड़के वाले देखने आए तो शहर को गंदा कहकर लौट गए।

नवीन कुमार जैसा कई और युवकों के साथ भी हुआ। लड़की वालों को लड़के तो पसंद आए पर शहर पसंद नहीं आया। आलम यह है कि अबोहर के मैरिज ब्यौरो बंद होने की कगार पर हैं।

शहरवासियों ने सफाई कर्मचारी पर सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। पर नगर परिषद के प्रधान ये मानने को कतई तैयार नहीं ।

उधर एसडीएम ने यह तो स्वीकार किया कि गंदगी की वजह से शहर का बुरा हाल है लेकिन साथ ही ये भी कह दिया है कि सिर्फ प्रशासन कुछ नहीं कर सकता, लोगों को भी सहयोग करना पड़ेगा।

बिल्कुल आम जनता को भी सहयोग करना चाहिए लेकिन जिसकी जिम्मेदारी है, उसे भी उसे निभाना चाहिए। सालों बीत जाने के बाद भी अबोहर की हालत सुधरी नहीं है बल्कि दिन प्रति दिन बिगड़ती जा रही है।

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