Ludhiana: भारतीय किसान युनियन की और से केन्द्र सरकार द्वारा लगाए गए जी एस टी व किसानों के कर्जे को लेकर आज एस डी एम दफ्तर के बाहर धरना दिया गया। जिसकी अगवाई अमरीक सिहं भार सिहं पुरा ने कि इस मौके बोलते हुए उन्होंने कहा की एक और केन्द्र की सरकार कह रही है किसानों पर जी एस टी नही लगाया जायेगा। तो दूसरी सरकार किसानों पर कई तरह के टैक्स लगा रही है।
पहले किसानों की खाद, कीड़े मारने की दवाईयां, कीटनाशक व नदीन नाशक दवाईयों पर कोई टैक्स नही था और खेती के काम आने वाले कई औजार भी वैट से बाहर थे। लेकिन अब केन्द्र की NDA सरकार ने बहुत सारी चीजे जी एस टी के घेरे मे ले ली है। सरकार ने खाद पर 5 प्रतिशत टैक्स, कीटनाशक पर 18 प्रतिशत टैक्स, खेती मे काम आने वाली मशनरी व औजारो पर 28 प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया है। जिस कारण अकेले पंजाब प्रांत मे 750 करोड़ का बोझ किसानों के उपर पड़ेगा। पंजाब के किसान यह बोझ उठाने को तैयार नही है और किसान केन्द्र के इस फैसले की कड़े शब्दो मे निदां करता है।
देश का किसान भारत सरकार के फसलों के रेट कम करके किसानों के लूटने की नीती के कारण कर्जो के जाल मे फंस कर खुदकशी करने को मजबूर हो रहा है। देश की पूरी अबादी का 75 प्रतिशत हिस्सा कृषी क्षेत्र से रोजगार प्राप्त करता है। लेकिन फिर भी देश को अनाज देने वाले किसान खुदकशीया करने पर मजबूर है। इस मौके पर मौजुद किसानों ने कहा कि अगर कृषी क्षेत्र मे आने वाली चीजों पर जी एस टी नही हटाया गया तो किसान बडे स्तर अदोंलन करने को मजबूर हो जायेंगे।
