चंडीगढ़: महेंद्रगढ़ के नांगल हरनाथ गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक होशियार सिंह ने दो दशक तक देश सेवा का संकल्प पूरा किया। इस दौरान उन्होंने 1962, 1965 और 1971 की जंग भी लड़ी। 1971 के भारत-पाक युद्ध में दुश्मनों की गोली ने बाएं पैर को हमेशा के लिए छीन लिया। चार दशक से ज्यादा बीत गए लेकिन आज तक उन्हें दिव्यांग सैनिकों को मिलने वाली सुविधाएं और पेंशन नसीब नहीं हुई। आधी-अधूरी पेंशन को पूरा करने के लिए वो लगातार अधिकारियों और सरकार को चिट्ठी लिख रहे हैं, लेकिन ना जबाव आया और ना ही कोई आश्वासन।
चंडीगढ़: पूर्व सैनिक की पुकार सुन लो सरकार
चंडीगढ़: महेंद्रगढ़ के नांगल हरनाथ गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक होशियार सिंह ने दो दशक तक देश सेवा का संकल्प पूरा किया। इस दौरान…
