चंडीगढ़ : पंजाब में बड़े-बड़े वायदों के साथ कांग्रेस सरकार बनाने में कामयाब तो हो गई है, लेकिन अभी भी अधिकांश वादे पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। कानून व्यवस्था से लेकर किसानों की खुदकुशी, हर मोर्चे पर सरकार फेल होती दिख रही है। सबसे खराब स्थिति किसानों की खुदकुशी के रूप में सामने आई है। कैप्टन सरकार को बने चार महीने हुए हैं और इस दौरान किसानों की खुदकुशी का आंकड़ा 150 तक पहुंच गया है। हालात ये हैं कि सरकार ने कर्ज माफी के लिए 1500 करोड़ की राशि की घोषणा की, इसके बावजूद खुदकुशी नहीं रूकी।
वित्त मंत्री मनप्रीत बादल खुद किसानों से खुदकुशी नहीं करने की अपील कर चुके हैं। लेकिन किसानों का कर्ज माफी की प्रक्रिया अभी तक नहीं शुरू हो चुकी है। उधर विपक्ष उन वादों को जल्द पूरा करने के लिए सरकार पर लगातार दवाब बना रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार और समय मांग रही है ताकि वो अपने सभी वादे पूरे कर सके। जाहिर है तमाम मुद्दे को लेकर सरकार डिफेंसिव को आम आदमी पार्टी अटैकिंग मूड में है।
आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह ने पंजाब में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कांग्रेस ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। पंजाब में ना तो नशा खत्म हुआ है और कानून व्यवस्था पहले से भी खराब हो चुकी है। कांग्रेस के प्रवक्ता जीएस बाली ने कहा कि विपक्ष कांग्रेस पर बेवजह दबाव बना रही है। वादों को पूरा करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। हर पहलू पर सरकार की नजर है और कोशिश है कि स्थिति में जल्द ही संतोषजनक सुधार लाया जाएगा।
सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है कि कानून व्यवस्था से लेकर तमाम मुद्दों पर जितने भी वादे किए उसे पूरा किया जाएगा। लेकिन इन बयानों के बीच एक सवाल जरूर उठ खड़ा हुआ है कि जब वादे पूरे ही नहीं करने थे तो जनता को धोखे में क्यों रखा गया। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस कितना वक्त लेती है, जनता से किए गए वादे को पूरा करने में। क्योंकि ये राजनीति है जहां अधिकांश वक्त आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुजर जाता है।
