दिल्ली: पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बने तीन महीने से ज्यादा हो चुके हैं। जब सरकार सत्ता में आई थी तो मंत्रिमंडल में नौ मंत्रियों ने शपथ ली थी। अब कैप्टन अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करना चाहते हैं। जिसके लिए वो दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने पहुंचे। कैप्टन के साथ इस दौरान पंजाब कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी और पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ भी मौजूद थे। इस दौरान कैप्टन और सुनील जाखड़ से राहुल गांधी ने एक साथ और अलग-अलग भी बैठक की ।
कैप्टन की सरकार जब सत्ता में आई तो वित्तीय स्थिति का रोना जनता के सामने रोने लगी। यहीं कारण जनता को बताकर कैप्टन साहब ने अपना मंत्रिमंडल को छोटा रखा, जिससे की वित्तीय बोझ प्रदेश के माथे पर नहीं बढ़ेगा। हालांकि सरकार के पूरे हुए अभी करीब साढ़े तीन महीने ही हुए हैं। प्रदेश की वित्तीय स्थिति भी वही है। लेकिन सरकार अपने मंत्रिमंडल विस्तार में जुट चुकी है। यहां तक कि सीपीएस की नियुक्ति भी तय माना जा रहा है। जिसके की प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर बोझ बढ़ना भी तय है। इसी के मद्देनजर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के साथ दिल्ली राहुल गांधी से मिलने पहुंचे, हालांकि अभी तय नहीं हुआ है कि कितने मंत्री बढ़ाये जाएंगे और कब मंत्रिमंडल का विस्तार होगा लेकिन सुनील जाखड़ का कहना है कि युवा चेहरों को मौका दिया जाएगा
जाखड़ ने कहा कि राहुल गांधी और कैप्टन अमरिंदर सिंह ही इस बारे में फैसला लेंगे कि मंत्रिमंडल में किसको जगह दी जाए और किसको नहीं। दूसरा मुद्दा ये भी था कि राहुल गांधी को पंजाब के हालात से अवगत करवाया जाए तो प्रदेश अध्यक्ष ने साफ किया उन्हें पंजाब की स्थिति से रुबरू करवा दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने गुरदासपुर उपचुनाव को लेकर कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में जिस तरह पंजाब विधानसभा चुनाव फतेह किया उसी तरह गुरदासपुर उप चुनाव में जीत हासिल करेंगे।
कुल मिलाकर अगर बात की जाए मंत्रिमंडल की तो अभी कैप्टन मंत्रिमंडल में कुल नौ मंत्री हैं। अब सरकार का कहना है कि काम का बोझ कम हो इसके लिए मंत्रियों की जरूरत पड़ेगी और यही वजह है कि मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी हो रही है।



