चंडीगढ़: जीएसटी पर सभी ने समर्थन जरूर दिया है लेकिन लंगर प्रसाद पर लगने वाले जीएसटी को हटाने की मांग हर तरफ से उठ रही है लेकिन अब इस पर राजनीती भी शुरू हो चुकी है जिसमे कांग्रेस ने अकालीदल को घेरा है तो अकालीदल ने उल्टा कांग्रेस को नसीहत देते आधा जीएसटी छोड़ने की मांग की है.
देश में जीएसटी ने टेक्स की रुपरेखा जरूर बादल दी है पर इस पर विवाद अभी ख़त्म नहीं हुआ है जिसमे मुद्दा लंगर प्रसाद पर लगने वाला जीएसटी बन चूका है जिसे हटाने की मांग एसजीपीसी सहित सभी धार्मिक संस्थान कर चुके हैं की लंगर को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाए जिसमे मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह वित् मंत्री अरुण जेटली से मांग भी कर चुके हैं लेकिन अब इसमें राजनीती भी शुरू हो चुकी है .कांग्रेस विधायक और केबिनेट मंत्री साधु अंग धर्मसोत ने अकालीदल पर वार करते कहा की लंगर प्रसाद किसी होटल का खाना नहीं इसमें केंद्र को तुरंत एक्शन लेना चाहिए और इसमें अकालीदल भाजपा को इसे हटवाना चाहिए कियुँकि दोनों का गठबंधन है .कांग्रेस ने तो यहाँ तक मांग की है की हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय मंत्री है तो उनकी बात अगर नहीं कोई सुन रहा तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
दूसरी तरफ अकालीदल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए डॉ दलजीत सिंह चीमा ने कहा की कांग्रेस शायद समझती नहीं है की जीएसटी लगाने न लगाने का फैसला केंद्र ने नहीं बल्कि जीएसटी कौंसिल ने किया है और उसे वही हटा सकते हैं और जीएसटी का आधा हिस्सा केंद्र को जाना है व् आधा हिस्सा राज्य को दिया जाना है तो कांग्रेस अपने हिस्से का आधा जीएसटी तो छोड़ने की शुरुआत करे जीएसटी कौंसिल बाद में फैसला लेती है या नहीं इसके लिए इंतजार करना चाहिए.
जीएसटी के क्षेत्र में लंगर प्रसाद को निकालने को लेकर मांग व् कोशिशें जारी हैं लेकिन पंजाब की राजनीती में अब इसे राजनितिक मुद्दा भी बनाया जा रहा है जिसमे कांग्रेस अब अकालीदल को घेरने की कोशिश कर रहा है तो अकालीदल पलटवार करते कांग्रेस को नसीहत दे रहा है.
