दिल्ली : रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उन्हें संसद भवन के सेंट्रल हॉल में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति कोविंद ने सभी को धन्यवाद दिया।
इस दौरान अपने भाषण में राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि एक देश के रूप में भारत ने बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन अभी कई लक्ष्य बाकी हैं। आशा है कि देश के लोग उन्हें भरपूर समर्थन देते रहेंगे ताकि सभी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। आतंकवाद से लड़े रहे सेना और पुलिस बलों को उन्होंने राष्ट्र निर्माता के रूप में संबोधित किया। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा देते हुए धन्यवाद दिया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने भाषण में देश की 125 करोड़ जनता को नमन किया। उन्होंने कहा कि सेंट्रल हॉल में आकर पुरानी यादें ताजा हो गई। वो एक गरीब घर से यहां तक पहुंचे हैं इसलिए वो सभी का ध्यान अच्छे से रखेंगे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. एपीजे अबुल कलाम और राजेंद्र प्रसाद की कड़ी से जोड़ा। अपने भाषण के दौरान उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी उल्लेख किया और उन्हें सामाजिक व आर्थिक समानता का पक्षधर बताया। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि भारत की विविधता ही इसे महान राष्ट्र बनाती है। सिर्फ सरकार के भरोसे ही राष्ट्र का निर्माण नहीं हो सकता है, इसके लिए सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। देश का हर नागरिक राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहा है।

आदिवासी, खेतों में काम करने वाली महिलाएं, शिक्षक, ट्रैफिक पुलिस समेत सभी लोग राष्ट्र के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में भारत स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश कर जाएगा। हमें गरीबी उन्मूलन के लिए बहुत कुछ करना है, साथ ही देश के आखिरी व्यक्ति तक न्याय को पहुंचाना होगा। अपने भाषण के दौरान राष्ट्रपति कोविंद ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और दीनदयाल उपाध्याय का जिक्र भी किया। राष्ट्रपति के भाषण के दौरान पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा की स्पीकर सुमित्रा महाजन, पूर्व स्पीकर मीरा कुमार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव समेत सरकार के मंत्री और सांसद उपस्थित थे। शपथ ग्रहण करने से पूर्व रामनाथ कोविंद प्रणब मुखर्जी से मिलने पहुंचे। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला संसद भवन पहुंचा जहां परंपरा के अनुरूप उनका स्वागत किया गया।



