दुनिया के सबसे बड़े समुदायिक रसोई घर पर GST का साया, कर हटवाने में जुटे सिख नेता

स्वर्ण मंदिर का लंगर हाल दुनिया के सबसे बड़े समुदायिक रसोईघर के रूप में जाना जाता है, जहां 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं को सामान्य दिनों…

स्वर्ण मंदिर का लंगर हाल दुनिया के सबसे बड़े समुदायिक रसोईघर के रूप में जाना जाता है, जहां 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं को सामान्य दिनों में तथा 1,00,000 से अधिक श्रद्धालुओं को सप्ताहांत और त्योहारों के मौकों पर ताजा खाना खिलाया जाता है। लेकिन हाल में लागू किए गए वस्तु एवं सेवा कर के कारण अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर और अन्य गुरुद्वारों में आयोजित की जानेवाली इस सामाजिक-धार्मिक गतिविधि पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ पड़ा है। इन सामुदायिक रसोई घरों के लिए खरीदी जानेवाली ज्यादातर वस्तुएं नए GST के विभिन्न करों की दरों के अंतर्गत आती हैं। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई गुरुद्वारों में सामुदायिक रसोईघर चलते है, जिसमें अमृतसर का स्वर्ण मंदिर भी शामिल है। इससे SGPC पर अब हर साल 10 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त बोझा पड़ेगा।

SGPC को GST के दायरे से बाहर रखने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान मंजीत सिंह  जीके अरुण जेटली से मिले है और हरसिमरत कौर बादल ने भी केंद्र सरकार को चिट्टी लिख कर लंगर हाल को GST से मुक्त करने  को कहा है

श्रद्धालुओ का भी मानना है कि  दान के ऊपर टैक्स लगाना गलत है। यहां लाखों श्रद्धालु हर रोज़ खाना खाते है इसलिए लंगर पर GST नहीं लागू होना चाहिए

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *