घाटी का सबसे खूंखार आतंकी अबु दुजाना ढेर

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : भारतीय सुरक्षाबलों ने मंगलवार को बड़ी सफलता हासिल की। सेना ने इंटेलीजेंस इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलवामा के काकापोरा…

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : भारतीय सुरक्षाबलों ने मंगलवार को बड़ी सफलता हासिल की। सेना ने इंटेलीजेंस इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलवामा के काकापोरा के एक घर को घेर लिया। सेना को सूचना मिली थी कि घर में दो से तीन आतंकी छिपे हुए हैं। जिसके बाद सेना ने कार्रवाई करते हुए घर को विस्फोटक से उड़ा दिया, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर अबु दुजाना समेत आरिफ डार मारा गया।

अबु दुजाना को लश्कर-ए-तैयबा ने चीफ ऑपरेशंस का जिम्मा दिया गया था। उसके सिर पर 15 लाख रूपये का इनाम था। बताया जाता है कि अबु दुजाना पिछले कुछ सालों से घाटी में काफी एक्टिव था। वो सुरक्षाबलों पर हमले की रणनीति बनाने और फिर उसे पूरा करने में माहिर था। साल 2016 में पंपोर में CRPF पर हुए हमले का वो मास्टरमाइंड था। पंपोर हमले में CRPF के आठ जवान मारे गए थे।

यहां तक कि पिछले साल लश्कर के टॉप कमांडर बुरहान वानी के जनाजे में भी वो शामिल हुआ था। आपको बता दें कि बुरहान बानी की मौत के बाद घाटी में लगातार प्रदर्शन किए जा रहे थे, जिसमें अबु दुजाना भी कई बार शामिल हो चुका था। सेना लगातार उसपर नजर बनाए रख रही थी। इसी दौरान अबु के काकापोरा के एक घर में छिपे होने की सूचना मिली थी।

 

 खतरनाक आतंकियों में एक दुजाना

अबु दुजाना घाटी में सक्रिय आतंकियों के बीच जाना-पहचाना नाम था। उसे घाटी के सबसे खतरनाक आतंकियों में एक माना जाता था। कई बार वो सेना से मुठभेड़ के दौरान बाल-बाल बचा था। लेकिन सेना उसे बख्शने के मूड में नहीं थी। दरअसल सेना को सूचना मिली थी कि दुजाना के काकापोरा में पत्नी से मिलने आया था। जिसके बाद सेना ने उस घर को घेर लिया जिसमें दुजाना समेत दो-तीन आतंकी छिपे हुए थे।

बताया जाता है कि दुजाना तक पहुंचने में सेना को एक मोबाइल ने मदद की थी। पिछली मुठभेड़ में दुजाना तो बच गया था, लेकिन उसका मोबाइल फोन सेना को मिल गया था। सेना को मोबाइल फोन से ही उसके मूवमेंट की जानकारी मिली। इसके बाद इंटेलीजेंस इनपुट के लिए इलाके की कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई। जैसे ही दुजाना पत्नी से मुलाकात करने आया, सेना ने उसे घेर लिया।

सेना की हिटलिस्ट में था शामिल  

घाटी में सक्रिय आतंकियों को मार गिराने के लिए सेना ने हिटलिस्ट जारी किया है। जिसमें 12 कुख्यात आतंकियों को शामिल किया गया है। दुजाना के मारे जाने के पहले सेना ने लश्कर के कमांडर बुरहान बानी, बशीर लश्करी, हिजबुल के जुनैद मट्टू और सबजार बट का एनकाउंटर कर चुकी है। इस साल सेना ने अब तक एनकाउंटर में सौ से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया है।

इसके साथ ही सेना आतंकियों के बीच कड़ी का काम करने वालों पर भी नजर रख रही है। बुरहान बानी के एनकाउंटर के बाद सेना को लंबे समय तक लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा था। लेकिन सेना भी पूरी तरह तैयार है और लगातार सर्च ऑपरेशन और अभियान चला रही है। यही कारण है कि आतंकियों में खलबली मची हुई है। सेना का दावा है कि जल्द ही सभी छोटे-बड़े सभी आतंकियों को खत्म कर दिया जाएगा।

 

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