चंडीगढ़ : फसल समर्थन निर्धारित मूल्य के मुद्दे पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने एक लिखित हलफनामा कोर्ट में पेश किया। इसमें सरकार का कहना था कि वो 15 मार्च 2018 मतलब अगले साल से सूरजमुखी की खरीद का काम शुरू करेगी। इसको लेकर पहले सरकार नोटिफिकेशन जारी करेगी जिसके बाद खरीद शुरू होगी। हालांकि कोर्ट में जो लिखित हलफनामा पंजाब सरकार की तरफ से पेश किया गया उस पर किसी के हस्ताक्षर नहीं थे। जिसके चलते कोर्ट ने पंजाब सरकार को अगली तारीख पर एक शपथ पत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि शपथ पत्र में इस बात की तफ्सील से जानकारी देनी होगी कि अब तक पंजाब सरकार के क्या-क्या कदम उठाए हैं।
कहने का मतलब है कि शपथ पत्र में पंजाब सरकार के हर कदमों का लेखा-जोखा शामिल करना होगा। मामले में अगली सुनवाई 12 सितम्बर को होगी। इसके अलावा सुनवाई के दौरान मक्की बाजरे और दालों की खरीद के मुद्दे पर भी सुनवाई हुई। इस मुद्दे पर भी कोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि वह अगली तारीख पर इन तीनों फसलों की खरीद को लेकर भी अपना स्टैंड स्पष्ट करे। कोर्ट ने कहा कि पिछली सरकार ने मक्की की खरीद बंद कर दी थी। सरकार का यह तर्क था कि उन्हें मक्की की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से किसानों की खुदकुशी पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। दरअसल लगातार बढ़ती जा रही किसानों की खुदकुशी को लेकर सरकारी स्तर पर तो बयानों के साथ ही योजनाओं को लागू करने की बात तो कही। लेकिन इस मुद्दे पर कोर्ट ने भी सरकार से सवालात किए हैं।
