पानी पर राजनीति हरियाणा और पंजाब के लिए कोई नई बात नहीं है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर केंद्र सरकार तक इसे सुलझाने की कोशिश में जुटी है लेकिन एसवाईएल का मसला सुलझ नहीं रहा। भले ही कांग्रेस इस पर दशकों से राजनीति करती आई हो लेकिन सुनील जाखड़ अकाली दल को नसीहत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल एसवाईएल पर राजनीति ना करें। जाखड़ ने कहा कि सुखबीर बादल प्रधानमंत्री के साथ मिलकर मुद्दा सुलझाने का प्रयास करें। पर लगता है सुखबीर बादल को भी प्रधानमंत्री पर भरोसा नहीं।

सुनील जाखड़ के इन बयानों का पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कैप्टन अपना स्टैंड क्लीयर करें, कैप्टन किस चीज़ का लेना-देना करना चाहते हैं। सुखबीर ने कहा कि हमारे पास ना तो ज़मीन है और ना ही पानी। सौ बातों की एक बात करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि हमें हरियाणा को पानी देना ही नहीं है।

ये पानी की राजनीति है। और उस पंजाब हरियाणा में जहां किसान खुदकुशी कर रहे हैं और कर्ज तले दबे हैं। जाहिर है एसवाईएल नहर अगर खोद दी गई और पानी आ गया तो राजनीति बंद हो जाएगी जो नेता करना नहीं चाहते। अब सुप्रीम कोर्ट में 8 नवंबर को सुनवाई होगी फैसला क्या होता है। ये देखने वाली बात है।
