पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एएसआई को 8,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो  चंडीगढ़, 9 मार्च 2026: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के दौरान पुलिस डिवीजन नंबर 2,…

Punjab Vigilance Bureau nabs ASI red handed accepting bribe of Rs 8,000

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो 

चंडीगढ़, 9 मार्च 2026:

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के दौरान पुलिस डिवीजन नंबर 2, कमिश्नरेट जालंधर में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) गोपाल सिंह को 8,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

आज यहां इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांधी कैंप, जालंधर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ज्योतिष का काम करता है और थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस ने उसके पड़ोसी विजय राज उर्फ पाली को नशीले पदार्थों के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता विजय राज उर्फ पाली की बहन और इलाके के प्रधान के साथ थाना डिवीजन नंबर 2 गया, जहां उन्हें पता चला कि विजय राज उर्फ पाली के खिलाफ नशीले पदार्थों का केस दर्ज किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि दो दिन बाद आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता को फोन किया और चेतावनी दी कि अगर वह पुलिस स्टेशन आकर उससे नहीं मिला तो उसका नाम भी उक्त मामले में शामिल कर दिया जाएगा। इसके बाद जब शिकायतकर्ता का छोटा भाई बलवंत और इलाके के प्रधान अमित कुमार उर्फ लवली भगत थाना डिवीजन नंबर 2 में आरोपी एएसआई से मिले, तो आरोपी ने शिकायतकर्ता को मामले में न फंसाने के बदले 50,000 रुपये रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता के छोटे भाई बलवंत और अमित कुमार उर्फ लवली भगत की विनती पर आरोपी ने रिश्वत की रकम घटाकर 20,000 रुपये कर दी। मजबूरी में उन्होंने मौके पर ही आरोपी को 10,000 रुपये दे दिए। हालांकि आरोपी बाकी 10,000 रुपये रिश्वत की मांग पर अड़ा रहा। जब उन्होंने बाकी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी बाद में 8,000 रुपये लेने के लिए राजी हो गया। शिकायतकर्ता ने रिश्वत की मांग से संबंधित बातचीत रिकॉर्ड कर ली।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी एएसआई को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 8,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

इस संबंध में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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