प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में ‘रिपब्लिक ऑफ कोरिया कंट्री सेशन’ के दौरान पंजाब-कोरिया के बीच बढ़ती औद्योगिक साझेदारी

चंडीगढ़, 13 मार्च: प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (पीपीआईएस) 2026 के तहत आयोजित रिपब्लिक ऑफ कोरिया कंट्री सेशन के दौरान पंजाब और कोरिया के बीच बढ़ती…

Republic of Korea Country Session highlights growing Punjab–Korea industrial partnerships at PPIS 2026

चंडीगढ़, 13 मार्च:

प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन (पीपीआईएस) 2026 के तहत आयोजित रिपब्लिक ऑफ कोरिया कंट्री सेशन के दौरान पंजाब और कोरिया के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी को उजागर किया गया। इस अवसर पर उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी आधारित सहयोग, एमएसएमई संबंधों तथा भविष्य के निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित विचार-विमर्श किया गया।

इस सत्र के दौरान पंजाब सरकार, रिपब्लिक ऑफ कोरिया के दूतावास, उद्योगपतियों और व्यापार प्रोत्साहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों के बीच द्विपक्षीय औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

रिपब्लिक ऑफ कोरिया के दूतावास की मंत्री-काउंसलर सुश्री यूई-जिन चोन ने बताया कि भारत और कोरिया के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंध काफी मजबूत हुए हैं और वर्तमान में 670 से अधिक कोरियाई कंपनियां भारत में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, एमएसएमई सहयोग और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कोरियाई निवेश की संभावना है।उन्होंने रक्षा, अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने में कोरिया की रणनीतिक रुचि को भी रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब के मजबूत औद्योगिक आधार को देखते हुए कोरिया और पंजाब के बीच साझेदारी आगे भी विस्तार करती रहेगी।

कोरिया ट्रेड-इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसी (कोट्रा) के कार्यकारी निदेशक श्री जैवुक (जेक) ली ने कोरियाई कंपनियों और वैश्विक साझेदारों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को प्रोत्साहित करने में कोट्रा की भूमिका पर प्रकाश डाला और पंजाब के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कोरियाई निवेश को सुविधाजनक बनाने के प्रति अपनी रुचि दोहराई।

सुनजिन इंडिया के अध्यक्ष श्री बी.के. ली ने औद्योगिक विकास के एक मजबूत इंजन के रूप में उभरने की पंजाब की क्षमता को रेखांकित किया और कोरियाई कंपनियों तथा पंजाब के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के बीच तकनीक आधारित औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आईटी विनिर्माण, फूड प्रोसेसिंग और औद्योगिक व्यापार में सहयोग कोरिया और पंजाब के बीच आर्थिक गति को और मजबूत कर सकता है।

इस सत्र के दौरान डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स, पंजाब और टैगहाइव, कोरिया गणराज्य के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रौद्योगिकी और डिजिटल शिक्षण समाधानों में सहयोग को बढ़ावा देना है। डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ श्री अनिरुद्ध गुप्ता और टैगहाइव के सीईओ श्री पंकज अग्रवाल ने गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में इस समझौते का आदान-प्रदान किया।

इस सत्र को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पंजाब को एक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंजाब की कृषि विरासत अत्यंत मजबूत है, लेकिन राज्य सरकार अगली पीढ़ी को आधुनिक उद्योग और व्यवसाय से जोड़ने के लिए नए क्षेत्रों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।

प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में ‘रिपब्लिक ऑफ कोरिया कंट्री सेशन’ के दौरान पंजाब-कोरिया के बीच बढ़ती औद्योगिक साझेदारी को किया गया उजागर

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब स्वयं को औद्योगिक विकास, नवाचार और मजबूत आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित कर रहा है।
इस सत्र के दौरान प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और कौशल विकास के क्षेत्रों में पंजाब-कोरिया साझेदारी को और मजबूत करने तथा संस्थागत और औद्योगिक सहभागिता के माध्यम से सहयोग के नए अवसर तलाशने के लिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

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