PM Modi Rajya Sabha Speech:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा को संबोधित किया। इस संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने ऊर्जा संकट को लेकर सरकार की तैयारी, जंग से विश्व में खराब होती परिस्थितियों और इसको लेकर भारत के स्टैंड के बारे में जानकारी दी। पीएम मोदी ने कहा कि मिडिल-ईस्ट का युद्ध पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। इसकी वजह से पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। हम युद्ध से प्रभावित सभी देशों के अलावा ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं. हमारा मकसद, डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए इलाके में शांति की बहाली का है।
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में जहाज़ फंसे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में दुनिया के कई जहाज़ फंसे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स भी हैं। पीएम मोदी ने कहा, कमर्शियल जहाज़ों पर हमला और होर्मुज़ स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। युद्ध के बाद से ही होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों का आना जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। भारत ने नागरिकों पर, सिविल इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, हमारी सरकार ने संवाद और कूटनीति के जरिए रास्ते बनाने का प्रयास किया है।
75 हजार भारतीय भारत लौट
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का 90 प्रतिशत से अधिक तेल विदेशी जहजों पर होता है। यह स्थति किसी भी वैश्विक चुनौती में भारत के लिए हालात चुनौतीपूर्ण बना देती है। इसे देखते हुए हम तेजी से जहाज बनाने पर काम कर रहे हैं। बीते दशक में किए गए प्रयासों से भारत आज अपनी जरूरतों से अधिकांश हथियार भारत में ही बना रहा है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस संकट के समय में खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता है। युद्ध के बाद से तीन लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार से अधिक भारतीय भारत लौटे हैं। इनमें सात सौ से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्र हैं। यह बहुत दुखद है कि हमलों के कारण कुछ भारतीयों की मृत्यु हुई है, कुछ गायब हुए हैं. जो घायल हैं, उनका बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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