सीजीसी यूनिवर्सिटी के प्रबंध निदेशक श्री अर्श धालीवाल ‘सरकार-ए-खालसा’ पुरस्कार से किया गया सम्मानित

मोहाली: सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के प्रबंध निदेशक श्री अर्श धालीवाल को शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित सरकार-ए-खालसा पुरस्कार…

CGC University

मोहाली: सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के प्रबंध निदेशक श्री अर्श धालीवाल को शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित सरकार-ए-खालसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार शिक्षा क्षेत्र में उनके नेतृत्व, दूरदृष्टि और नवाचार आधारित प्रयासों की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया।

आधुनिक शिक्षण मॉडल और कौशल विकास पर जोर

श्री अर्श धालीवाल के नेतृत्व में सीजीसी यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक गुणवत्ता, तकनीकी समावेशन और मूल्य आधारित शिक्षा को केंद्र में रखते हुए अपनी पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय में अपनाए गए आधुनिक शिक्षण मॉडल ने छात्रों को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने नई पीढ़ी की शैक्षणिक आवश्यकताओं और करियर अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अनुभवात्मक शिक्षण, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम, उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहल और वैश्विक एक्सपोजर कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़कर कौशल आधारित और नवाचार केंद्रित शिक्षा प्रणाली को अपनाया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की तकनीक का समावेश

उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दृष्टिकोण उनके नेतृत्व की एक प्रमुख विशेषता रही है। उनके संरक्षण में सीजीसी यूनिवर्सिटी में ए आई, डेटा साइंस, ऑटोमेशन और उभरती तकनीकों को अकादमिक ढांचे का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। साथ ही, नैतिक ए आई और जिम्मेदार नवाचार पर विशेष बल दिया गया है, जिससे तकनीकी विकास के साथ सामाजिक सरोकार भी सुनिश्चित हो सकें।

उद्योग-संस्थान सहयोग और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन

श्री धालीवाल ने केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच के संबंधों को भी मजबूत किया है। उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय में अनुप्रयुक्त अनुसंधान (Applied Research) और नवाचार आधारित इकोसिस्टम विकसित हुआ है। इससे न केवल यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा बढ़ी है, बल्कि क्षेत्रीय विकास और युवा सशक्तिकरण को भी एक नई दिशा मिली है।

परंपरा और आधुनिक परिवर्तन का अनूठा संगम

सरकार-ए-खालसा पुरस्कार वास्तव में श्री अर्श धालीवाल के उस विजन को समर्पित है, जिसने शिक्षा को परंपरा और आधुनिकता के बेहतरीन संतुलन के साथ राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ाया है। उनका यह योगदान आने वाले समय में युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहा है।

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