मान सरकार के नेतृत्व में पंजाब का विश्व-स्तरीय शिक्षा की ओर बड़ा कदम

चंडीगढ़, 23 जनवरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सहयोग को मज़बूत करने और राज्य में तकनीकी शिक्षा के मानकों को और ऊँचा उठाने की दिशा में…

चंडीगढ़, 23 जनवरी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सहयोग को मज़बूत करने और राज्य में तकनीकी शिक्षा के मानकों को और ऊँचा उठाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आई.के.जी.पी.टी.यू.), जालंधर ने यूनिवर्सल बिज़नेस स्कूल सिडनी (यू.बी.एस.एस.), ऑस्ट्रेलिया के साथ एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते पर तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।

राज्य के विद्यार्थियों को विश्व-स्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने वाला यह समझौता हस्ताक्षर समारोह पंजाब भवन, चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। इस सहयोग का उद्देश्य अकादमिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध पहल, फैकल्टी और विद्यार्थियों की गतिविधियाँ तथा शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध में वैश्विक श्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाने को प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर संबोधन के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अकादमिक साझेदारियाँ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के शिक्षा-सुधार एजेंडे का केंद्रीय स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल बिज़नेस स्कूल सिडनी जैसी विश्व-स्तरीय प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ सहयोग से पंजाब के तकनीकी संस्थानों में शिक्षा और शोध के मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कैबिनेट मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे समझौते विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों—दोनों के लिए उन्नत एवं सहयोगात्मक शोध, संयुक्त प्रकाशन, नवाचार-आधारित परियोजनाओं तथा अंतरराष्ट्रीय शोध तक पहुँच के व्यापक अवसर खोलेंगे।

सहयोग के दीर्घकालिक और साकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक साझेदारी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण तथा विदेशों में उच्च शिक्षा, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान कर उनके करियर के लिए नए, बेहतर और व्यापक मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने आगे कहा कि अकादमिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण पहलों तथा अंतरराष्ट्रीय शोध एवं विकास गतिविधियों में भागीदारी फैकल्टी सदस्यों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

पंजाब सरकार की दूरदर्शी सोच को दोहराते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मान सरकार पंजाब के युवाओं को विश्व-स्तर पर प्रासंगिक कौशल, शोध प्रवृत्तियों और पेशेवर दक्षताओं से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बन सकें।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यू.बी.एस.एस. ऑस्ट्रेलिया के साथ आई.के.जी.पी.टी.यू. जालंधर की साझेदारी न केवल दो प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के उच्च शिक्षा इको-सिस्टम में आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक अनुभव की पहुँच को भी सुदृढ़ करेगी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक अकादमिक साझेदारी की शुरुआत करने वाले इस समझौते पर आई.के.जी.पी.टी.यू. जालंधर के कुलपति डॉ. सुशील मित्तल और यूनिवर्सल बिज़नेस स्कूल सिडनी के प्रेसिडेंट गैरी मल्होत्रा ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर गैरी मल्होत्रा ने विद्यार्थियों में नवोन्मेषी शोध, उद्यमिता और वैश्विक नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक से अधिक विश्व-स्तरीय संस्थानों के साथ सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया।

वाइस चांसलर डॉ. सुशील मित्तल ने राज्य को विश्व-स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीकी शिक्षा और शोध उत्कृष्टता के केंद्र में परिवर्तित करने की पंजाब सरकार की परिकल्पना के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय एवं द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के प्रति आई.के.जी.पी.टी.यू. की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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