Kangana Ranaut Look: कंगना रनौत का संसद के सत्र में लुक क्यों है चर्चा में, जानिए क्या खास है इस हिमाचली ऊनी कोट में?

Kangana Ranaut Look in Parliament: एक्टर से MP बनीं कंगना ने लगातार अपने कपड़ों और लुक के कारण चर्चा में बनी रहती है। इस बार…

Kangana Ranaut Look: कंगना रनौत का संसद के सत्र में लुक क्यों है चर्चा में, जानिए क्या खास है इस हिमाचली ऊनी कोट में?

Kangana Ranaut Look in Parliament:

एक्टर से MP बनीं कंगना ने लगातार अपने कपड़ों और लुक के कारण चर्चा में बनी रहती है। इस बार कंगना के हिमाचली कोट ने सभी का ध्यान खींचा। यह हिमाचली (Kangana Ranaut Look) समकालीन कोट कुल्लू घाटी की महिला कारीगरों द्वारा हाथ से बुना गया है। जो पारंपरिक हस्तकला और समकालीन डिजाइन का सुंदर मिश्रण है।

कुल्लवी ऊनीक कोट-

कंगना आइवरी शिफॉन साड़ी के साथ एक वाइब्रेंट मल्टीकलर ओवरकोट में बाहर निकलीं, जिसने तुरंत सबका ध्यान खींचा। बाद में उन्होंने बताया कि यह कोट हिमाचल प्रदेश में उनके मंडी चुनाव क्षेत्र की महिलाओं ने कुल्लवी व्हिम्स की गाइडेंस में बुना था। मंडी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से, कंगना ने अक्सर अपनी पब्लिक अपीयरेंस के ज़रिए लोकल कारीगरों के काम को हाईलाइट किया है। डायमंड ड्रॉप इयररिंग्स और एक हल्की बिंदी ने उनके एलिगेंट आउटफिट को पूरा किया।

Kangana Ranaut Look, संस्कृति, भूगोल का मिश्रण-

देसी ऊन से तैयार कोट कुल्लू की महिला कारीगरों ने पारंपरिक विधि (हथकरघा) से काता और बुना है, जो हिमाचल की समृद्ध वस्त्र परंपरा को आधुनिक शैली में दर्शता है। पूरी तरह प्राकृतिक रंगों और हस्त प्रक्रियाओं से निर्मित यह वस्त्र हिमालय की गर्माहट, उल्लास और परतदार रंगों को समेटे हुए है। कोट हिमाचल की संस्कृति, भूगोल और लोगों की आत्मा को दर्शाता है जहां परंपरा और स्थान एक-दूसरे में बुने हुए हैं। कुल्लवी व्हिम्स संस्था की दो महिला कारीगरों ने यह कोट बनाया था। संस्था के संस्थापक भृगु राज आचार्य और निशा सुब्रमण्यम ने बताया कि इस कोट को बनाने में लगभग दो माह लगे हैं।

कोट की किमत 16 से 45 हजार-

यह परिधान संसद जैसे राष्ट्रीय मंच पर पहना जाना महिला कारीगरों के लिए विशेष सम्मान है। सासंद कंगना रनौत ने 2025 में कुल्लवी व्हिम्स संस्था के स्टूडियो में आकर चार कोट और एक पठंचू खरीदा था। एक कोट की कीमत 16 हजार से शुरू होकर 45 हजार रुपये तक है। कंगना के कोट को दो महिला कारीगरों ने तैयार किया है। इस परिधान में शुद्ध उन का इस्तेमाल व वेजिटेबल कलर का उपयोग किया गया है।

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