Himachal Weather Concern:
हिमाचल के कुल्लू में पिछले करीब 4 महीने से बारिश बर्फबारी ना होने के कारण सूखा पड़ा (Himcachal Weather Concern) हुआ है। इसके चलते किसान बागवान चिंतित है अभी तक कुल्लू जिला में करीब 80% किसानों ने गेहूं और जौ की फसल की बिजाई नहीं की है। खेतों में नमी न होने के कारण किसानों के विभिन्न फसलों के बिजाई के कार्य प्रभावित हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ पिछले 4 महीने से बारिश बर्फबारी होने के कारण बगीचों में भी नमी न होने के कारण बागबानो के बगीचों में खाद डालने और तौलिया बनाने का कार्य भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में कुल्लू जिला भर में किसान बागवान बारिश बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं।
सेब की आर्थिकी पर निर्भर है लोग-
स्थानीय निवासी फतेह सिंह ठाकुर ने कहा कि कुल्लू घाटी में पिछले करीब 4 महीने से बारिश बर्फबारी नहीं हुई है। इसके चलते किसानों बागबानों के साथ-साथ आम जनता चिंतित है उन्होंने कहा कि कुल्लू घाटी में सूखी ठंड के कारण लोगों को कई बीमारियां हो रही है। उन्होंने कहा कि समय पर अगर बारिश बर्फारी होती है। उन्होंने कहा कि सेब की फसल के लिए 1200 से 1400 चिलिंग हावर्स घंटे आपूर्ति होने से सेब की अच्छी फसल के संकेत होते हैं उन्होंने कहा की उम्मीद है कि आने वाले समय में अच्छी बारिश पर भारी बर्फबारी होगी और यहां के लोगों किसने बागबानो और पर्यटन कारोबारी को भी उसका फायदा मिलेगा।
Himachal Weather Concern, ग्लोबल वार्मिंग भी कारण-
स्थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह ने कहा ग्लोबल वार्मिंग के चलते कुल्लू जिला में मौसम का साइकिल में परिवर्तन हुआ है। नवंबर-दिसंबर में जो बारिश बर्फबारी होती थी वह अब जनवरी-फरवरी में होती है। जिसके चलते इसका असर फसलों पर पड़ रहा है उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने में जहां कुल्लू घाटी के चारों तरफ की ऊंची पहाड़ियां बर्फबारी से ढकी रहती थी। लेकिन पिछले दो-तीन सालों से नवंबर महीने में और दिसंबर महीने में बहुत कम बर्फबारी हो रही है।
पानी की भी कमी-
ग्राम पंचायत मलाणा के उप प्रधान राम जी ने कहा कि पिछले चार महीने से घाटी में बारिश पर परी ना होने के कारण जनवरी महीने में भी मलाणा में बर्फबारी बारिश नहीं हुई है। पीने के पानी की किल्लत हो रही है उन्होंने कहा कि घाटी में लोगों ने सर्दियों के फसल की बिजाई भी नहीं की है।
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