Punjab State Credit Seminar 2026-27:
पंजाब में आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2026-27 के दौरान फसली विविधता अपनाकर बेहतर पैदावार और आय हासिल करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नाबार्ड के CGM के साथ पंजाब के वित्त मंत्री हरमपाल सिंह चीमा ने किसानों का उत्साहवर्धन किया।
नाबार्ड से लगभग 800 करोड़ रुपये-
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है। हर साल इस सेमिनार के जरिए आगामी वर्ष की योजनाएं तैयार की जाती हैं, जिनमें खास तौर पर कृषि, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाती है। इस वर्ष नाबार्ड की ओर से लगभग 800 करोड़ रुपये की लेंडिंग सहायता प्रदान की गई है।
चीमा ने कहा कि ग्रीन रिवोल्यूशन के बाद देश के अनाज भंडार को भरने में पंजाब का सबसे बड़ा योगदान रहा है। हालांकि भूजल स्तर की समस्या गंभीर हुई है, लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से आखिरी खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयासों से हालात में सुधार हो रहा है।
SIR मुद्दे पर बीजेपी पर आरोप-
SIR मुद्दे पर चीमा ने केंन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी दलों के वोटरों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली और बिहार में यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट निष्पक्ष जांच के लिए एक पैनल गठित करे ताकि लोकतंत्र की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
नवजोत कौर सिद्धू से सबूत की मांग-
भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि यदि किसी के पास ठोस सबूत हैं तो वे पंजाब सरकार को सौंपे जाएं। उन्होंने कहा कि सबूत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता पहले भी जेल जा चुके हैं। चीमा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी कितने भी दौरे कर लें, लेकिन कांग्रेस ने पंजाब को केवल नुकसान ही पहुंचाया है।
एसजीपीसी फंड के दुरुपयोग पर जांच की मांग-
गियानी रघुबीर द्वारा लगाए गए आरोपों पर बोलते हुए चीमा ने कहा कि एसजीपीसी के फंडों के दुरुपयोग के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



