Jalandhar ED Action:
प्रवर्तन निदेशालय की जालंधर में अवैध तरीके से लोगों को ‘डंकी रूट’ के जरिए अमेरिका भेजने वाले एजेंटों रैकेट का पर्दाफाश किया है. इसमें 3 हरियाणवी एजेंटों की 5.41 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ये अवैध तरिके से लोगों को बहलाकर भेजते थे. मामले में ईडी ने 19 जगहों पर छापा मारा.
तीनों आरोपियों की संपत्ति की अटैच-
अटैच की गई संपत्तियों में एजेंट शुभम शर्मा, जगजीत सिंह और सुरमुख सिंह की खेती की ज़मीन, रिहायशी पार्क की इमारतें और बैंक खाते शामिल हैं. इनपर इस ‘अपराध’ में शामिल होने का आरोप है. इन एजेंटों पर कानूनी इमिग्रेशन के झूठे वादे करके और हवाई टिकट, विज़िटर वीज़ा का इंतज़ाम करके युवाओं को अवैध रूप से अमेरिका भेजने का आरोप है.
फरवरी 2025 का मामला-
यह जांच पंजाब और हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की गई थी. ये FIR BNS 2023 और इमिग्रेशन एक्ट 1983 के तहत दर्ज हुई थीं. मामला तब सामने आया, जब फरवरी 2025 में अमेरिका सरकार ने 330 भारतीय नागरिकों को मिलिट्री कार्गो विमानों से भारत डिपोर्ट किया, क्योंकि वे अवैध तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए थे.
अमेरिका कानूनी तरीके से भेजने का देते थे झांसा-
ED की जांच में सामने आया है कि ये एजेंट भोले-भाले लोगों को अमेरिका कानूनी तरीके से भेजने का झांसा देते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे. लेकिन बाद में उन्हें दक्षिण अमेरिका के कई देशों से होते हुए बेहद खतरनाक रास्तों से अमेरिका भेजा जाता था. इन लोगों को USA-मेक्सिको बॉर्डर से अवैध रूप से अमेरिका में घुसाया जाता था.



