Border 2 Controversy:
हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ जहां पूरे देश में सुर्खियां बटोर है। लेकिन वंही जिस लोंगेवाला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित थी, इससे जुड़ा विवाद अब भी थमता नजर नहीं आ रहा। 1971 के भारत-पाक युद्ध में लोंगेवाला में लड़ चुके दो पूर्व सैनिकों का कहना है कि फिल्म में उन्हें गलत तरीके से शहीद दिखा दिया गया है। इसको लेकर (Border 2 Controversy) उन्होंने अधिकारियों को पत्र भी लिखा है।
फिल्म में दिखाया मृत-
दोनों पूर्व सैनिकों ने शीर्ष सरकारी अधिकारियों को पत्र लिखकर फिल्म में “तथ्यों की गलत प्रस्तुति” का मुद्दा उठाया है। अपनी बहादुरी को उचित मान्यता देने की मांग की है। फिरोजपुर (पंजाब) के निवासी नायक जगदेव सिंह, जिन्होंने लोंगेवाला में युद्ध लड़ा था। उनका कहना है कि फिल्म में उन्हें और उनके साथियों को शहीद दिखाया गया। जबकि हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर वीरता पुरस्कार पाने वालों को सम्मानित किया जाता है। पर फिल्म में शहीद दिखाए गए सैनिकों की वास्तविक स्थिति जानने की कभी कोशिश नहीं की गई।
Border 2 Controversy, 19 साल के हुए थे सेना में भर्ती-
जगदेव सिंह 1971 में मात्र 19 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए थे। चार-साढ़े चार महीने की बेसिक ट्रेनिंग के बाद उन्हें 23 पंजाब रेजिमेंट के साथ युद्ध में भेज दिया गया। अब 74 वर्षीय जगदेव सिंह 17 वर्ष की सेवा के बाद पारिवारिक कारणों से सेना से सेवानिवृत्त हुए और बाद में बैंक में नौकरी की। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची कहानी उसी तरह बताई जाए जैसी वह वास्तव में हुई थी, ताकि आने वाली पीढ़ियां सैनिकों की बहादुरी से प्रेरित हो सकें।



