Bathinda Suicide:
बंठिड़ा में कांग्रेसी नेता के बेटे की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीन बिल्डरों के खिलाफ कड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया। इससे वे देश छोड़कर नहीं जा सकते। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। मामले में नामजद आरोपित में बिंदरपाल मित्तल, उनके बेटे प्रतीक मित्तल और भरत मित्तल शामिल हैं। तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत केस दर्ज किया गया है।
तीनों के फोन बंद
एसपी सिटी नरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपितों के फरार होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया है। पुलिस के अनुसार घटना के बाद से तीनों के फोन बंद हैं। इससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि तकनीकी और मानवीय संसाधनों के जरिए जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले में मृतक द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट और करीब 8 मिनट 45 सेकंड का वीडियो जांच का सबसे अहम आधार बन गया है।
पत्नी के बयानों के आधार पर केस दर्ज
थाना कैनाल कालोनी पुलिस ने यह मामला परमिंदर कौर पत्नी स्वर्गीय सुखराज सिंह नत्त के बयानों के आधार पर दर्ज किया। उन्होंने बताया कि उनके बेटे दविंदर पाल सिंह ने आरोपितों को 55 लाख रुपये ब्याज पर दिए थे। जब पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपितों ने अंत रकम लौटाने से इनकार किया। इससे आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि दविंदर पाल सिंह ने अपने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
बिल्डरों पर साढ़े 5 करोड़ रुपये बकाया
जांच में सामने आया है कि मामला सिर्फ 55 लाख रुपये तक सीमित नहीं था। मृतक ने अपने वीडियो और सुसाइड नोट में दावा किया कि बिल्डरों पर उसका लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपये बकाया था। इतना ही नहीं, उसने अपने दोस्तों और परिचितों से भी 6-7 करोड़ रुपये निवेश के रूप में उक्त फर्म में लगवाए थे। वीडियो में मृतक ने भावुक होकर कहा कि उसने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई, पिता की जमीन बेचकर मिले पैसे, बीमा की राशि और घर की बचत तक इन बिल्डरों को दे दी, लेकिन अब वे पैसे लौटाने से मुकर रहे हैं।
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