1 अप्रैल से शुरू होने वाले गेहूं खरीद सीजन के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की तैयारियां पूरी

चंडीगढ़, 30 मार्च: जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों (डीएफएससी) को राज्य की मंडियों में बाहरी राज्यों से गेहूं की बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश…

1 अप्रैल से शुरू होने वाले गेहूं खरीद सीजन के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की तैयारियां पूरी

चंडीगढ़, 30 मार्च:

जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों (डीएफएससी) को राज्य की मंडियों में बाहरी राज्यों से गेहूं की बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश देते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक ने विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों में सख्त निगरानी रखने को कहा है।

मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल से शुरू हो रहे गेहूं खरीद सीजन को बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न कराने के संकल्प को दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने डीएफएससी को व्यक्तिगत रूप से मंडियों का दौरा कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि खरीद सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

All arrangements in place by Food, Civil Supplies & Consumer Affairs Department for Wheat procurement season commencing from April 1
All arrangements in place by Food, Civil Supplies & Consumer Affairs Department for Wheat procurement season commencing from April 1

डीएफएससी और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में आगामी खरीद सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्री कटारूचक ने अधिकारियों को प्रत्येक मंडी में साफ-सफाई, बिजली और स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कैबिनेट मंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य को अप्रैल माह के लिए 30,973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा (सीसीएल) प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त राज्य ने 122 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि विभाग ने 132 एलएमटी गेहूं की खरीद के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

इन तैयारियों के तहत 1897 खरीद केंद्रों को अधिसूचित किया गया है और जिला स्तरीय खरीद समितियों (डीएलपीसी) से 266 अतिरिक्त अस्थायी यार्डों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

बारदाने (बोरी) के मुद्दे पर चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने डीएफएससी को मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा इसकी जिम्मेदारी निरीक्षकों को सौंपने के निर्देश दिए।

फसल के भंडारण संबंधी मुद्दे पर कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले सीजनों की उपज को उठाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष नियमित रूप से यह मुद्दा उठाया गया है, ताकि आगामी सीजनों की उपज के लिए पर्याप्त भंडारण स्थान उपलब्ध कराया जा सके। श्री कटारूचक ने डीएफएससी को निर्देश दिए कि वे भंडारण व्यवस्था के संबंध में अपने-अपने जिलों के उपायुक्तों (डीसी) के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें और इस संबंध में मुख्यालय को नियमित रूप से अवगत कराते रहें।

कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को मंडियों में तिरपाल, लकड़ी के क्रेट आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति के संबंध में भरोसा दिलाया और कहा कि विभाग इन वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय बनाए हुए है।

उन्होंने बताया कि आपूर्ति की निगरानी और जनता की शिकायतों के समाधान के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम नंबर 0172-2233001 शुरू किया गया है। इसके अलावा पेट्रोलियम उत्पादों की नियमित और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्तों के अधीन जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इस अवसर पर अन्य के अलावा प्रमुख सचिव श्री राहुल तिवाड़ी, निदेशक श्री वरिंदर कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर और अजयवीर सिंह सराओ भी उपस्थित थे।

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